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होली कैसे मनाएं: गैर, रंग, भांग, पकौड़े, पूजा सहित जानिए संपूर्ण लिस्ट

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Holi festival
Health Tips for Holi: रंगों का त्योहार होली बहुत ही रोमांचक पर्व है। इस दिन खाना पीना, मौज मजा मस्ती सहित कई कार्य किए जाते हैं। इसी के साथ ही पूजा पाठ, मंत्र जप और तमाम अन्य कार्य भी करते हैं। चलिए जानते हैं कि किस तरह मनाएं रंगारंग होली।

1. देवताओं को लगाएं तिलक:

सबसे पहले स्नान ध्यान करने के बाद अपने घर के मंदिर में देवी-देवताओं को तिलक लगाएं और उन्हें गुलाल अर्पित करें। राधा-कृष्ण या अपने आराध्य देव के चरणों में अबीर और गुलाल अर्पित करें। भगवान को विशेष रूप से गुजिया, मिश्री और मेवे का भोग लगाएं।  इसके अलावा कई जगहों पर नई फसल (जैसे जौ या चने के होले) को उस अग्नि में भूनकर प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।

2. पितृ पूजन:

कई परिवारों में रंगों वाली होली पर पूर्वजों (पितरों) को याद करने की परंपरा है। घर के मंदिर में या पूर्वजों की तस्वीर के सामने गुलाल का टीका लगाकर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। माना जाता है कि त्यौहारों पर पितरों का तर्पण या स्मरण सुख-शांति लाता है।

3. होलिका की राख का महत्व: 

होलिका दहन की अगली सुबह (धुलेंडी पर) लोग दहन स्थल पर जाते हैं और राख लाते हैं। 
बची हुई राख को शरीर पर लगाना या माथे पर तिलक लगाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यह शरीर को रोगों और नकारात्मक ऊर्जा से बचाता है।

4. शुभ मुहूर्त और चौक बनाना:

घर के मुख्य द्वार पर रंगोली या चौक (आटे और हल्दी से) बनाया जाता है। द्वार पर गुलाल छिड़का जाता है ताकि घर में सकारात्मकता का प्रवेश हो।

5. अपनों से मिलना:

घर के कार्य पूर्ण करने के बाद अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के घर जाकर उन्हें गुलाल लगाएं और गले मिलें। होली 'दुश्मनी भूलकर दोस्त बनने' का दिन है। अगर किसी से मनमुटाव है, तो आज उसे खत्म करने की पहल करें। घर के बुजुर्गों के चरणों में गुलाल अर्पित कर उनका आशीर्वाद लेना एक बहुत ही शुभ और सम्मानजनक परंपरा है।

6. शोक समाप्त पर रंग डालना:

गमी वाले घर में त्योहार नहीं मनाया जाता, इसलिए समाज या परिवार के बुजुर्ग वहां जाकर 'शोक तोड़ने' की रस्म निभाते हैं। मृतक के परिवार के सदस्यों के चेहरे पर हल्का सा गुलाल या रंग लगाएँ। यह इस बात का संकेत होता है कि अब शोक का समय समाप्त हुआ और परिवार को फिर से सामान्य जीवन और खुशियों की ओर लौटना चाहिए। गमी वाले घर में जाते समय बहुत अधिक शोर-शराबा, हुड़दंग या तेज संगीत से बचना चाहिए। मर्यादा और शालीनता के साथ ही इन कार्यों को संपन्न करना उचित रहता है।
 

7. भांग:

होली पर भांग या ठंडाई का सेवन करने का आनंद ही कुछ और है। हालांकि भांग का अत्यधिक सेवन मानसिक संतुलन को बिगड़ सकता सकता है जिससे आपके व्यवहार में बदलाव के साथ ही दिमागी हालत में भी उल्टा असर हो सकता है। ऐसे में सतर्कता से इसका सेवन करें।

8. खान-पान का आनंद:

होली पर गुजिया, मालपुआ, ठंडाई और दही-भल्ले जैसे पकवानों का आनंद लें। पकवानों को अपने पड़ोसियों और जरूरतमंदों के साथ साझा करें, इससे खुशी दुगनी हो जाती है।

9. गैर में हों शामिल:

गेर ऐसा रंगारंग कारवां है, जिसमें किसी भेद के बगैर पूरा शहर शामिल होता है और जमीन से लेकर आसमान तक रंग ही रंग नजर आते हैं। गेर में हाथी, घोड़ों और बग्घियों के साथ आदिवासी नर्तकों की टोली दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहती है। यदि आपके पास समय हो तो आपके यहां निकलने वाली रंगारंग गेर में अपनी टोली के साथ शामिल हों। हालांकि आपको यह ध्यान रखना है कि किसी भी प्रकार की हुड़दंग या गैरकानूनी कार्य में शामिल होने से बचना होगा और अपनी सुरक्षा का भी ध्यान रखना होगा। केमिकल युक्त रंगों से भी बचकर रहे।

10. ध्यान रखें:

आवारा कुत्तों या अन्य जानवरों पर रंग न डालें। रंगों में मौजूद केमिकल उनके लिए जानलेवा हो सकते हैं। होली का हुड़दंग किसी की असुविधा का कारण नहीं बनना चाहिए। जबरदस्ती किसी पर रंग न डालें और 'सहमति' का सम्मान करें।
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