Publish Date: Tue, 27 Jan 2026 (18:36 IST)
Updated Date: Tue, 03 Feb 2026 (12:24 IST)
When is Holi in 2026: होली फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। पूर्णिमा की रात को होलिका का दहन होता है और दूसरे दिन धुलैंडी का पर्व मनाया जाता है। यहां यह ध्यान देने वाली बात है कि धुलैंडी पूर्णिमा तिथि में नहीं मनाते हैं। अगले दिन प्रतिपदा तिथि में यह त्योहार मनाया जाता है।
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ- 02 मार्च 2026 को शाम 05:55 बजे से।
पूर्णिमा तिथि समाप्त- 03 मार्च 2026 को शाम 05:07 बजे तक।
होलिका दहन: 2 मार्च को भद्रा और 3 मार्च को शाम तक चंद्र ग्रहण इसलिए होलिका दहन 3 मार्च को चंद्र ग्रहण के बाद।
धुलेंडी (रंग वाली होली): 4 मार्च 2026 को रहेगी।
विशेष जानकारी:
वर्ष 2026 में होलिका दहन के दिन यानी 3 मार्च को चंद्र ग्रहण भी लग रहा है, जो भारत के कुछ हिस्सों (विशेषकर पूर्वोत्तर राज्यों) में दिखाई देगा। इस कारण सूतक काल और पूजा के समय को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ब्रज क्षेत्र में होली का उत्सव 23 जनवरी 2026 (बसंत पंचमी) से ही शुरू हो चुका है, जो लगभग 40 दिनों तक चलेगा।
हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होलिका दहन होता है और दूसरे दिन धुलेंडी का पर्व मनाया जाता है। इसके बाद पंचमी को रंग पंचमी मनाई जाती है। धुलेंडी और रंगपंचमी के दिन रंगों से होली खेली जाती है। हर राज्य में इस उत्सव को अगल अलग तरीके से मनाया जाता है। आओ जानते हैं कि किस राज्य में कैसे मनाई जाती है होली।