Publish Date: Sat, 19 Mar 2022 (16:56 IST)
Updated Date: Sat, 19 Mar 2022 (16:58 IST)
Rang Panchami 2022: 22 मार्च को रंगपंचमी का त्योहार मनाया जाएगा। यह त्योहार होलिका दहन के बाद धुलेंडी और फिर उसके बाद फाल्गुन कृष्ण पंचमी के दिन मनाया जाता है। जब धुलेंडी को रंग वाली होली खेल ली जाती है तो फिर पंचमी के दिन क्यों रंग वाली होली मनाई जाती है। आओ जानते हैं इसके 7 कारण।
क्यों मनाते हैं रंगपंचमी (Why celebrate Rangpanchami):
1. कहते हैं कि इस दिन श्री कृष्ण ने राधा पर रंग डाला था। इसी की याद में रंग पंचमी मनाई जाती है।
2. यह भी कहा जाता है कि श्रीकृष्ण ने गोपियों के संग रासलीला रचाई थी और दूसरे दिन रंग खेलने का उत्सव मनाया था। इसके अलावा इस दिन शोभा यात्राएं भी निकाली जाती है और होली की तरह देव होली के दिन भी लोग एक दूसरे पर रंग और अबीर डालते हैं।
3. कहते हैं कि जिस दिन राक्षसी पूतना का वध हुआ था उस दिन फाल्गुन पूर्णिमा थी। अत: बुराई का अंत हुआ और इस खुशी में समूचे नंदगांववासियो ने खूब जमकर रंग खेला, नृत्य किया और जमकर उत्सव मनाया। तभी से होली में रंग और भंग का समावेश होने लगा।
4. पौराणिक मान्यता के अनुसार रंगों का यह उत्सव चैत्र मास की कृष्ण प्रतिपदा से लेकर पंचमी तक चलता है। इसलिए इसे रंग पंचमी कहा जाता है।
5. चैत्रमास की कृष्णपक्ष की पंचमी को खेली जाने वाली रंगपंचमी देवी देवताओं को समर्पित होती है। मान्यता है कि रंगपंचमी पर पवित्र मन से पूजा पाठ करने से देवी देवता स्वयं अपने भक्तों को आशीर्वाद देने आते हैं और कुंडली के बड़े से बड़े दोष को इस दिन पूजा पाठ से दूर किया जा सकता है।
6. मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि, इस दिन हवा में रंग और अबीर उड़ाने से वातावरण में सकारात्मकता का संचार होता है जिसका प्रभाव व्यक्ति के मन मस्तिष्क और जीवन पर पड़ता है। साथ ही इससे लोगों के बुरे कर्म और पाप आदि नष्ट हो जाते हैं।
7. यह भी कहते हैं कि यह सात्विक पूजा आराधना का दिन होता है। रंगपंचमी को धनदायक भी माना जाता है।