इंदौर की कुल आबादी में से 1 लाख से ज्यादा लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में, ये है वजह, हेल्थ रिपोर्ट में खुलासा
35 हजार लोगो को ओरल कैंसर, 10,768 लोग सवाईकल कैंसर से पीड़ित
इंदौर पूरे देश में खाने- पीने के लिए मशहूर है। यहां पोहा, जलेबी, नमकीन से लेकर तमाम तरह की खाद्य सामग्री पूरी दुनिया में मंगाकर खाई जाती हैं। लेकिन इंदौर में पारंपरिक खान पान के अलावा अब फास्टफूड का भी चलन अपने चरम पर है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि यहां लाखों इंदौरियों की हेल्थ का कबाडा हो रहा है।
हाल ही में सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की एक हेल्थ योजना में खुलासा हुआ है कि इंदौर के हजारों लोग हाई ब्लडप्रेशर और शुगर यानी डायबिटीज की चपेट में आ गए हैं। इतना ही नहीं, इंदौर के लोग मुंह के कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर जैसी बीमारियों के भी चपेट में हैं। जबकि कई लोगों को एक साथ दो दो बीमारियां हैं।
कितने हजार लोगों को क्या बीमारी : दरअसल, इंदौर में 62 हजार से अधिक लोगों में उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लडप्रेशर की बीमारी सामने आई है। जबकि 45 हजार से ज्यादा लोगों में मधुमेह यानी शुगर या डायबिटीज निकली है। एक सरकारी हेल्थ जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है।
कैसे हुआ ये खुलासा : दरअसल, सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में निरोगी काया अभियान शुरू किया है। जिसके तहत इंदौर के स्वास्थ्य विभाग ने इंदौर में 5 लाख 90 हजार इंदौरियों के स्वास्थ्य की जांच की है। इनमें से 62 हजार से अधिक लोग उच्च रक्तचाप और 45 हजार से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित निकले।
17 हजार को दोनों ही बीमारी : जांच में सामने आया कि इसके अलावा 17 हजार 156 लोगों को दोनों ही बीमारियां यानी उच्च रक्तचाप और शुगर एक साथ पाई गईं। इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि इंदौर में लोग अव्यवस्थित खान-पान और फास्टफूड के कारण स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
ये गंभीर बीमारियां भी इंदौरियों में : इतना ही नहीं, रिपोर्ट में यह खुलासा भी हुआ है कि इंदौर के लोग मुंह के कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर जैसी बीमारियों के भी चपेट में आ रहे हैं। जांच में करीब 35 हजार लोग ओरल कैंसर और 10,768 लोग सवाईकल कैंसर से पीड़ित पाए गए। इनमें से 1500 से अधिक मरीजों को अन्य गंभीर जांचों के लिए भेजा गया। यह आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि इंदौर में स्वास्थ्य जागरूकता की कमी और खराब जीवन शेली की वजह से यहां गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं।
क्या है हेल्थ के कबाड की वजह : बता दें कि इंदौरी खाने पीने में सबसे आगे हैं। यहां पारंपरिक खानपान की शेली के साथ ही अब फास्टफूड यानी विदेशी और पैकेज्ड फूड का चलन बहुत ज्यादा बढ चुका है। तला-भुना और फास्टफूड खाने के कारण युवाओं में ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। निरोगी काया अभियान के आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि 10 प्रतिशत से अधिक लोग उच्च रक्तचाप, मधुमेह और जीवनशैली से जुड़ी अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं। यह चौंकाने वाली बात है कि इन बीमारियों से प्रभावित कई लोग अब भी इससे अनजान हैं और समय रहते उपचार नहीं करा रहे हैं।
क्या है निरोगी काया अभियान : स्वास्थ्य विभाग द्वारा केंद्र सरकार की पहल पर चलाए गए इस निरोगी काया अभियान के तहत जिला अस्पताल और संजीवनी क्लिनिकों पर जांच शिविर लगाए गए। इन शिविरों में यह पाया गया कि अनियमित खानपान और इंदौरियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी के कारण युवाओं में नॉन-एल्कोहोलिक फेटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। आंकड़ों के अनुसार 21 प्रतिशत लोगों में इस बीमारी के लक्षण पाए गए। 26,727 व्यक्तियों की जांच में लगभग 10 प्रतिशत लोग इस समस्या से पीड़ित थे। दिलचस्प है कि कई मरीजों को यह पता ही नहीं था कि उन्हें किसी तरह की बीमारी है।