Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

सर्द रात में सड़क पर कई घंटे बैठे रहे सराफा चौपाटी के व्यापारी, सूची में गड़बड़ी का आरोप, महापौर भार्गव कही ये बात

Advertiesment
हमें फॉलो करें Indore News Mayor Pushyamitra Bhargava bans momos and Chinese food in Sarafa Chopati shopkeepers protest

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

, शुक्रवार, 28 नवंबर 2025 (15:36 IST)
इंदौर में सराफा को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। अब व्‍यापारी आमने सामने आ गए हैं। दरअसल, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सराफा चौपाटी में मोमोज और चाइनीज फूड बेचने पर रोक लगा दी। सिर्फ 80 से 100 परंपरागत दुकानें लगाने की अनुमति दी गई है। कार्रवाई से नाराज दुकानदारों ने महापौर के बंगले का घेराव किया और बाद में पूरी रात कृष्णपुरा छत्री पर अलाव जलाकर प्रदर्शन किया।

बता दें कि महापौर ने स्पष्ट किया है कि सराफा में अब मोमोज और चाइनीज फूड की दुकानें नहीं लगने दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की चाइनीज या मोमोज की दुकानें लग भी गई हैं, उन्हें बंद कराया जाएगा। इन दुकानदारों को चौपाटी पर दूसरी पारंपरिक वस्तुओं की दुकान लगाने की सलाह दी जाएगी, अन्यथा उनकी दुकानें पूरी तरह हटा दी जाएंगी।

चौपाटी का असल स्‍वाद कायम रहे : महापौर ने बताया कि सराफा में सुरक्षा बेहद जरूरी है और इसकी मांग सोना-चांदी व्यापारी एसोसिएशन ने भी की थी। निगम उसी दिशा में काम कर रहा है ताकि पुरानी चौपाटी का पारंपरिक वैभव और गरिमा बनी रहे। महापौर ने बार-बार आग्रह के बाद भी दो टूक जवाब दिया कि अब सराफा में अव्यवस्थित दुकानें नहीं लगने दी जाएंगी।

क्‍या दुकानों की सूची में हुई गड़बड़ी : कार्रवाई के दौरान कई व्यापारियों ने आरोप लगाया कि निगम की सूची में गड़बड़ी है और एक ही व्यापारी के पास चार से पांच दुकानें हैं, जबकि कई पात्र लोगों के नाम सूची से गायब हैं। इस पर महापौर ने आश्वासन दिया कि वह सूची की दोबारा जांच करवाएंगे। अगर किसी के पास एक से अधिक दुकानें पाई जाती हैं, तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।

रातभर धरने पर बैठे रहे दुकानदार : नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ चौपाटी के गुस्साए दुकानदारों ने जमकर हंगामा किया। जिनका नाम सूची में नहीं था, उन्हें चौपाटी में प्रवेश नहीं दिया गया। इससे नाराज दुकानदार पहले सराफा थाने पहुंचे और फिर देर रात महापौर के बंगले पर गए। महापौर से मुलाकात नहीं होने पर वे वापस कृष्णपुरा छत्री लौट आए और वहां अलाव जलाकर रातभर बैठे रहे। हटाए गए दुकानदारों ने वहीं खाना मंगवाया और आगे की लड़ाई के लिए रणनीति तैयार की। मौके पर तनाव को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
Edited By: Navin Rangiyal

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

पीएम मोदी ने उडुपी में बताया, किस प्रकार श्री कृष्ण की नीतियों पर चल रही है सरकार