Publish Date: Mon, 23 Feb 2026 (18:09 IST)
Updated Date: Mon, 23 Feb 2026 (18:13 IST)
इंदौर के एमवाय अस्पताल में नवजात वार्ड में चूहों के कुतरने के कारण दो मासूम बच्चों की मौत के मामले से हड़कंप मचा था, अब अस्पताल परिसर में बिल्लियों की आवाजाही का वीडियो वायरल हो रहा है। स्टाफ और मरीजों व दवा स्टोर रूम के आसपास बिल्लियों के होने से नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। ताजा मामला अस्पताल की HIV यूनिट का है, जहां बिल्लियों के घूमने की बात सामने आई है।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने एमवाय अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव को अस्पताल की ओपीडी में बिल्लियों की मौजूदगी को लेकर नोटिस जारी किया है। नोटिस में कैटवॉक को संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता व्यवस्था और जैव सुरक्षा मानकों के लिए गंभीर खतरा बताया गया है। एक सप्ताह के भीतर सुपरिटेंडेंट को जारी किया गया यह दूसरा नोटिस है।
नोटिस में कहा गया है कि अस्पताल के स्टेराइल जोन, वार्ड और विशेष रूप से HIV/ART जैसे संवेदनशील उपचार क्षेत्रों में किसी भी पशु की मौजूदगी जैविक जोखिम की श्रेणी में आती है। इसे मरीजों की सुरक्षा और संस्थान की प्रतिष्ठा के लिए चिंताजनक बताया गया है।
जानकारी अनुसार एमवाय अस्पताल की ओपीडी में एक बिल्ली ने तीन बच्चों को जन्म दिया। इसके बाद ओपीडी और आसपास के हिस्सों में बिल्लियों की लगातार आवाजाही देखी जा रही है। इतना ही नहीं एआरटी केंद्र और एचआईवी संक्रमित मरीजों को दवा वितरण करने वाले कक्ष तक भी बिल्लियों के पहुंचने की शिकायत सामने आई है। इसी कक्ष से मरीजों को दवाएं दी जाती हैं। यहां नवजात बच्चों के लिए दी जाने वाली दवाएं भी सुरक्षित रखी जाती हैं। ऐसे संवेदनशील स्थान पर जानवरों की मौजूदगी ने संक्रमण और साफ-सफाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने भी सफाई देते हुए कहा कि किसी भी मरीज या दवा को नुकसान नहीं पहुंचा है। सभी सैंपल तय नियमों के अनुसार लिए और जांच के लिए भेजे जाते हैं। वहीं साफ-सफाई में कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
Edited By: Naveen R Rangiyal