वह 'दीवार' जिसने ठप कर दिया अमेरिका का कामकाज, 1 मिनट में जानिए पूरा मामला...

बुधवार, 9 जनवरी 2019 (12:55 IST)
वॉशिंगटन। अमेरिका में पिछले कई दिनों से शटडाउन चल रहा है। सरकार का कामकाज ठप पड़ा है। तीन हफ्ते से ऐसा चल रहा है। इसके कारण हजारों फेडरल कर्मचारियों को 22 दिसंबर से वेतन भी नहीं मिला है। शटडाउन से सरकारी खजाने को भी काफी नुकसान हो रहा है। इसका कारण है एक दीवार जिसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड को बजट चाहिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर मानवीय संकट बढ़ता ही जा रहा है। दोनों देशों की सीमा पर अवैध प्रवासियों तथा बदमाशों की घुसपैठ को रोकने के नाम पर प्रस्तावित सीमा दीवार बनाने को लेकर जारी विरोधों तथा संघर्ष के बीच ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद ओवल स्थित कार्यालय से पहली बार मंगलवार की रात प्रसारित अपने टेलीविजन संबोधन में इस आशय का दावा किया।

ट्रंप ने दक्षिणी सीमा पर स्थिति को 'दिल का संकट', 'आत्मा का संकट, का मामला बनाते हुए कहा कि स्टील की दीवार सीमा सुरक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। ट्रंप ने मैक्सिको सीमा पर दीवार के लिए 5.6 अरब डॉलर के फ़ंड की मांग की है। ट्रंप ने कहा कि वे इस रक़म को कम नहीं करेंगे। राष्ट्रपति ने आपातकाल लागू करने की चेतावनी भी दोहराई है।

डेमोक्रेट दीवार के लिए फंड देने के समर्थन में नहीं हैं, वे इस दीवार को अनैतिक बता रहे हैं जिसके कारण ट्रंप की योजना फिलहाल अधर में लटकी मालूम होती है। यह दीवार बनाना ट्रंप के अहम चुनावी वादों में है। अब अमेरिका मैक्सिको के साथ लगी अपनी सीमा पर क्रांकीट की दीवार बनाने की बजाय स्टील का एक अवरोधक बनाने पर विचार कर रहा है। ट्रंप ने दिसंबर में एक ट्वीट के जरिए इसकी तस्वीर भी साझा की थी।

दूसरी ओर सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने और विभिन्न विभाग चलाने के लिए अनुदान मांग से जुड़ा विधेयक पारित नहीं हो पा रहा है। इस कारण सरकारी कामकाज लगभग तीन हफ्ते से आंशिक रूप से ठप पड़ा है। गत वर्ष अगस्त में अमेरिकी सीनेट ने एक विधेयक पारित किया, जिसमें 850 बिलियन डॉलर संघीय सरकार के खर्च के लिए मंजूर किए गए थे।

ट्रंप ने हालांकि इस विधेयक में 5.7 बिलियन डॉलर इस दीवार को बनाने के लिए मांगे थे तथा वह अपनी मांग पर डटे हैं, जिसकी वजह से अमेरिका में गत 22 दिसंबर यानी पिछले 19 दिनों से आंशिक शटडाउन है। हड़ताल का असर आठ लाख संघीय कर्मचारियों पर पड़ा है।

जानिए क्या है पूरा मामला : अमेरिका-मैक्सिको सीमा 1954 मील लंबी है, जो कि प्रशांत महासागर से गल्फ ऑफ मैक्सिको तक फैली है। इसमें 1200 मील टेक्सास में है। अभी सीमा पर नेशनल गार्ड तैनात हैं, जो यहां निगरानी करते हैं। इस दीवार के बनने की लागत आठ अरब डॉलर से 67 अरब डॉलर तक मानी जा रही है। इस दीवार का मकसद अवैध प्रवासियों और नशीले पदार्थों को अमेरिका में आने से रोकना है।

मैक्सिको से लगने वाली सीमा पर दीवार बनाने को लेकर पूर्व में ट्रंप ने कहा था कि इस दीवार का ख़र्च ख़ुद मैक्सिको उठाएगा, लेकिन मैक्सिको ने ख़र्च उठाने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने कहा कि लगता है डेमोक्रेट्स कोई समझौता करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कामबंदी कल ख़त्म हो सकती है या बहुत लंबे समय तक चल सकती है। अब ये डेमोक्रेट्स पर निर्भर करता है। अब हालांकि डेमोक्रेट्स को मनाने के लिए ट्रंप भी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि वे सीमेंट की जगह स्टील की दीवार बना सकते हैं।

अमेरिकी क़ानून में यह प्रावधान है कि राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में राष्ट्रपति को सैन्य परियोजनाओं का काम सीधे तौर पर करने का अधिकार हासिल है, लेकिन ये रक़म रक्षा मंत्रालय के बजट से आती है, जिसे संसद की मंज़ूरी मिली होती है।

दोनों ही पक्षों का मानना है कि उनके समर्थक इस मामले में उनके साथ हैं। इसलिए किसी भी पक्ष का झुकना मुश्किल लगता है। इसके कारण फिलहाल अमेरिका के भीतर संकट भी जारी है।

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