Publish Date: Thu, 19 Jul 2018 (22:32 IST)
Updated Date: Thu, 19 Jul 2018 (22:34 IST)
लंदन। एक शोध में पाया गया है कि चिकित्सकीय चित्रण में इस्तेमाल होने वाले सीटी स्कैन से दिमागी ट्यूमर का खतरा बढ़ सकता है। कम्प्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन का इस्तेमाल पिछले दो दशकों में काफी तेजी से बढ़ा है। सीटी स्कैन से जांच क्षमता में काफी सुधार होता है, जिससे क्लिनिकल परिणाम में सुधार आता है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि बहरहाल उनसे काफी विकिरण फैलता है और विशेष रूप से ये बच्चों को प्रभावित कर सकते हैं, जिनमें वयस्कों की तुलना में विकिरण संबंधी बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है। रेडियोएक्टिविटी के कारण बच्चों और युवाओं में जो सामान्य तौर पर बीमारियां होती हैं, उनमें ल्यूकेमिया और ब्रेन ट्यूमर शामिल हैं।
नीदरलैंड कैंसर इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने सीटी स्कैन के कारण हुए विकिरण से बच्चों में होने वाले ल्यूकेमिया और ब्रेन ट्यूमर के खतरे का आकलन किया। नीदरलैंड के एक लाख 68 हजार 394 बच्चों को 1979 और 2012 के बीच हुए सीटी स्कैन का आकलन किया गया तो शोधकर्ताओं को उनमें कैंसर के मामले मिले।