Publish Date: Wed, 18 Jul 2018 (15:47 IST)
Updated Date: Wed, 18 Jul 2018 (15:49 IST)
इस्तांबुल। तुर्की में 2016 में तख्तापलट की नाकाम कोशिश के बाद से जारी आपातकाल के बुधवार को समाप्त होने की संभावना है, लेकिन विपक्ष को आशंका है कि सरकार इसकी जगह और कठोर कानून ला सकती है। तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने 20 जुलाई 2016 को आपातकाल की घोषणा की थी।
इससे पांच दिन पहले अंकारा में युद्धक विमानों से बमबारी की गई थी और इस्तांबुल में हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें 249 लोगों की मौत हो गई थी। आपातकाल संभवत: तीन महीने के लिए लगाया जाता है, लेकिन इसे सात बार आगे बढ़ाया गया। इस दौरान करीब 80,000 लोगों को हिरासत में लिया गया है और करीब डेढ़ लाख लोगों को सरकारी संस्थानों से नौकरी से हटाया गया।
पिछले महीने राष्ट्रपति चुनाव प्रचार अभियान के दौरान एर्दोआन ने आपातकाल हटाने का संकल्प जताया था। बहरहाल चुनाव में एर्दोआन की जीत हुई और आपातकाल को स्थानीय समयानुसार गुरुवार देर रात एक बजे (अंतरराष्ट्रीय समयानुसार बुधवार रात 10 बजे) तक हटा दिया जाएगा। हालांकि विपक्ष संसद में एक नए कानून का विधेयक पेश किए जाने से नाराज है, क्योंकि इस कानून में आपातकाल के सबसे कठिन पहलुओं को औपचारिक रूप देने की मांग की गई है। (वार्ता)