Publish Date: Fri, 16 Nov 2018 (18:02 IST)
Updated Date: Fri, 16 Nov 2018 (18:06 IST)
न्यूयॉर्क। फेसबुक ने कहा है कि वह नफरतभरे भाषण, ग्राफिक हिंसा और उसके नियमों के अन्य उल्लंघन को लेकर यूजर्स के देखने तथा उनके रिपोर्ट करने से पहले ही उन्हें हटाने की एक प्रणाली बना रहा है। सोशल नेटवर्किंग साइट ने कहा कि अप्रैल से सितंबर के दौरान उसने जितने नफरतभरे भाषणों का पता लगाया, वे पिछले 6 महीने के मुकाबले दोगुने हैं।
फेसबुक की गुरुवार को जारी दूसरी अर्द्धवार्षिक रिपोर्ट तब आई है, जब वह फर्जी खबरों से लेकर अमेरिका, म्यांमार, भारत तथा अन्य कहीं चुनावी हस्तक्षेप, घृणा भाषण और हिंसा को बढ़ावा देने में फेसबुक की भूमिका की चुनौती से जूझ रहा है। कंपनी ने यह भी कहा कि उसने हाल के 6 महीने में 1.5 अरब से ज्यादा फर्जी अकाउंट बंद किए, जो पिछले 6 महीनों के दौरान 1.3 अरब से अधिक हैं।
फेसबुक ने कहा कि उसे जो ज्यादातर फर्जी अकाउंट मिले, वे गलत सूचना फैलाने की मंशा रखने के बजाय वित्तीय रूप से प्रेरित मिले। कंपनी के तकरीबन 2.3 अरब यूजर्स हैं। फेसबुक ने गुरुवार को कहा कि उसने वॉशिंगटन पब्लिक रिलेशंस कंपनी, डिफाइनर्स से संबंध तोड़ लिए हैं। 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' का कहना है कि फेसबुक ने प्रतिद्वंद्वियों की छवि खराब करने के लिए इस कंपनी की सेवाएं ली थीं।
फेसबुक एक ऐसी स्वतंत्र संस्था बना रहा है, जो इस पर नजर रखेगी कि सोशल नेटवर्किंग साइट से कौन सी सामग्री हटा दी जाए। फेसबुक के मुख्य कार्यकारी मार्क जुकरबर्ग ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि मेरा यह मानना है कि हमें अभिव्यक्ति की आजादी और सुरक्षा के बारे में कई फैसले खुद से नहीं करने चाहिए। (भाषा)