Publish Date: Mon, 20 May 2019 (11:26 IST)
Updated Date: Mon, 20 May 2019 (11:34 IST)
कराची। पाकिस्तान की खस्ताहाल हालत अब वहां के लोगों पर भारी पड़ रही है। आर्थिक रूप से कमजोर पाकिस्तान स्थिति और बदतर होती जा रही है। इमरान सरकार महंगाई पर काबू पाने में पूरी तरह से असफल हो रही है।
खाने-पीने के चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। रमजान में फलों की मांग के कारण अब सेब 400 रुपए किलो, संतरे 360 रुपए और केले 150 रुपए दर्जन बिक रहे हैं। खबरों के मुताबिक कई शहरों में लोग महंगाई को लेकर प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपए के भाव में लगातार गिरावट के कारण यह दक्षिण एशिया की अहम मुद्राओं के मुकाबले सबसे कमजोर स्थिति में पहुंच गया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी मुद्रा एशिया की 13 अन्य मुद्राओं में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी रही है। इसमें करीब 20 प्रतिशत तक गिरावट देखने को मिली है।
महंगा हुआ खाने-पीने का सामान : खबरों के अनुसार पाकिस्तान में एक दर्जन संतरे 360 रुपए तो नीबू और सेब की कीमत 400 रुपए किलो तक हो गई है। पाक के लोगों को 150 रुपए दर्जन केले, मटन 1100 रुपए किलो, चिकन 320 रुपए किलो और एक लीटर दूध के लिए लोगों को 120 से 180 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। महंगाई को लेकर लोग सोशल मीडिया पर भी अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।
ये कदम उठा सकती है इमरान सरकार : गिरती अर्थव्यस्था को देखते हुए पाकिस्तान का सेंट्रल बैंक आर्थिक हालात को लेकर एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। पाकिस्तान का सेंट्रल बैंक ब्याज दरों पर बड़ा ऐलान करने के साथ ही रुपए को संभालने के लिए कई और बड़े फैसले ले सकता है। माना जा रहा है कि पाकिस्तानी सरकार ने गिरते रुपए को थामने के लिए एक समिति का गठन भी कर सकती है।
बताया जा रहा है कि इमरान सरकार पर्यटन के लिए विदेश जा रहे पाकिस्तानियों को सीमित मात्रा में डॉलर देने का फैसला ले सकती है। यह रकम 10,000 डॉलर से घटाकर 3,000 डॉलर की जा सकती है। इस फैसले से पाकिस्तान के खजाने में एक साल में 2 अरब डॉलर ज्यादा बच पाएंगे।