Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

अब दीवार के आर पार देखना संभव, क्या है इसराइल का Xaver-1000 सिस्टम

हमें फॉलो करें webdunia
गुरुवार, 30 जून 2022 (11:35 IST)
Photo - Twitter
येरुशलम, इसराइल। इसराइल ने एक ऐसी टेक्नोलॉजी विकसित की है, जो एआई (AI) की मदद से किसी भी दीवार की दूसरी ओर स्थित जीवित और निर्जीव वस्तुओं को देखने और पहचानने में मदद करेगी। इसे बनाने वाले वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि इसके इस्तेमाल से सेना आतंकवाद विरोधी (Anti-Terrorist) गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से अंजाम दे पाएगी। 
 
इस टेक्नोलॉजी का नाम - Xaver 1000 है, जिसे इसराइल इमेजिंग सॉल्यूशंस कंपनी कैमरो-टेक द्वारा विकसित किया गया है। इसे देश के सशस्त्र बलों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और खुफिया एजेंसियों के लिए बनाया गया है। वैज्ञानिकों ने इसे सैन्य ऑपरेशन्स के लिए बनाया गया सदी का सबसे उपयोगी आविष्कार कहा है। पिछले दिनों पेरिस में आयोजित 'यूरोसैटरी 2022' प्रदर्शनी में पहली बार दुनिया के सामने इसका खुलासा किया गया।
 
कहा जा रहा है कि ये सिस्टम एआई आधारित है और कैमरो-टेक की विशेष 'सी-थ्रू-द-वॉल' तकनीक के साथ मिलकर काम करता है। ये तकनीक उपयोगकर्ताओं को दीवारों और बाधाओं के पीछे स्थित लोगों को वास्तव में देखने का मौका प्रदान करेगी। सिस्टम इतना आधुनिक और सटीक है कि इससे जीवित वस्तुओं के शारीरिक अंगों को भी हाई रिजोल्यूशन में देखा जा सकेगा। साथ ही साथ ये भी पता लगाया जा सकेगा कि कोई व्यक्ति कितने लंबे समय तक स्थिर रहने के बाद बैठा, खड़ा हुआ या लेटा है।   
 
इससे भी ज्यादा हैरान कर देने वाली बात ये है कि ये सिस्टम दीवार के पीछे स्थित व्यक्ति की अनुमानित उम्र और लंबाई भी बता देगा। इससे ऑपरेटरों को ड्यूटी के दौरान अपने लक्ष्य की पहचान करने में आसानी होगी। 
 
कैमरो-टेक का कहना है कि भले ही कोई व्यक्ति लंबे समय तक गतिहीन रहा हो, फिर भी एआई तकनीक बता देगी की वह वस्तु जीवित है या अजीवित। यह सिस्टम 10.1 इंच की टचस्क्रीन डिस्प्ले के साथ आता है, जिसे मामूली ट्रेनिंग के बाद भी संचालित किया जा सकता है। 
 
कंपनी ने कहा कि इस डिवाइस को लेकर दुनियाभर के लोगों में उत्सुकता है, लेकिन फिलहाल इसराइली सेना को ही इसके इस्तेमाल की अनुमति दी गई है।  
 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

कोरोना ने फिर डराया, 122 दिन बाद एक्टिव मरीजों की संख्या 1 लाख पार