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भूकंप से तबाह हुआ म्यांमार, इसरो की सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा तबाही का मंजर

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

, मंगलवार, 1 अप्रैल 2025 (12:51 IST)
Myanmar earthquake news : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 28 मार्च को म्यांमार में आए भूकंप से हुए नुकसान की उसके ‘कार्टोसैट-3’ द्वारा खींची गई तस्वीरें जारी की हैं। इसरो ने कहा कि उसने आपदा के बाद 29 मार्च को ‘कार्टोसैट-3’ द्वारा म्यांमा के मांडले और सागाइंग शहरों के ऊपर से ली गई तस्वीरें हासिल कीं। ALSO READ: त्रासदी बयां करती भूकंप की तस्वीरें, म्यांमार में मृतक संख्‍या 2000 के पार
 
इसरो ने एक बयान में कहा कि तस्वीरों से पता चलता है कि मांडले शहर में बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है, जिसमें स्काई विला, फयानी पैगोडा (मंदिर), महामुनि पैगोडा और आनंद पैगोडा, मांडले विश्वविद्यालय और कई अन्य प्रमुख स्थल या तो पूरी तरह से या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। सागाइंग शहर में, मा शि खाना पैगोडा के साथ-साथ कई मठों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
 
अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि इसके अलावा 18 मार्च को उसी क्षेत्र को कवर करने वाले ‘कार्टोसैट-3’ से प्राप्त किए गए आपदा पूर्व डेटा को विश्लेषण और नुकसान के आकलन के लिए भेजा गया है। ‘कार्टोसैट-3’ उपग्रह तीसरी पीढ़ी का एक दक्ष उन्नत उपग्रह है जिसमें उच्च ‘रिजॉल्यूशन’ वाला कैमरा लगा है, जो बेहतर तस्वीरें लेने में सक्षम है।
इसरो के अनुसार, तस्वीरों से पता चलता है कि भूकंप के कारण इन वा सिटी के पास इरावती नदी पर ऐतिहासिक अवा (इनवा) पुल पूरी तरह से ढह गया। इरावती नदी के बाढ़ संभावित क्षेत्र में दरारें, जमीन का फटना और इसी तरह की अन्य घटनाएं भी देखी गईं। ALSO READ: म्यांमार के भूकंप में 700 से अधिक मुसलमानों की मौत, 60 मस्जिदें क्षतिग्रस्त या नष्ट
 
अंतरिक्ष एजेंसी ने बयान में उल्लेख किया कि 28 मार्च को म्यांमा में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया और फिर 6.4 तीव्रता वाले भूकंप बाद के शक्तिशाली झटके आए। भूकंप का केंद्र सागाइंग-मांडले सीमा के पास जमीन में 10 किलोमीटर की गहराई में था।
 
इसरो ने कहा कि भूकंप का केंद्र म्यांमा के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले के पास स्थित था, जहां भारी नुकसान हुआ। भूकंप ने राजधानी नेपीता और अन्य क्षेत्रों को भी हिलाकर रख दिया जिसके चलते बुनियादी ढांचे, सड़कें और आवासीय इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
 
भूकंप के झटके न केवल म्यांमा में बल्कि पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए। भूकंप के झटके इतने शक्तिशाली थे कि चियांग माई और थाईलैंड के उत्तरी हिस्सों तक महसूस किए गए, जहां निवासियों ने नुकसान की सूचना दी।
edited by : Nrapendra Gupta 
 

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