Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

दुनिया भर में मंकीपॉक्स के 640 से अधिक मामले, फ्रांस और कनाडा में तेजी से फैल रहा है संक्रमण

हमें फॉलो करें webdunia
शनिवार, 4 जून 2022 (08:13 IST)
पेस। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार दुनियाभर में मंकीपॉक्स के अब तक 640 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से सबसे अधिक ब्रिटेन में 190 मामले, स्पेन में 142 मामले, पुतर्गाल में 119 मामले तथा जर्मनी में 44 मामले शामिल हैं।
 
फ्रांस में मंकीपॉक्स के 50 से ज्यादा मामले : फ्रांस में मंकीपॉक्स के पुष्ट मामलों की संख्या 50 को पार पहुंच गई है। इनमें से 20 से अधिक लोगों ने वायर के लक्षणों की शुरुआत से पहले विदेश यात्रा की है। फ्रांस के सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी सैंटे पब्लिक ने फ्रांस में मंकीपॉक्स के 51 मामलों की पुष्टि की है। एजेंसी ने बताया कि जांच के अधीन सभी मामले 22 से 63 वर्ष की आयु के पुरुष के हैं। मंकीपॉक्स से किसी की मौत होने की सूचना नहीं है।
 
कनाडा में 77 संक्रमित : कनाडा के क्यूबेक प्रांत में मंकीपॉक्स के 71 मामले सामने आने के बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या 77 हो गई है। क्यूबेक के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 2 जून तक क्यूबेक में मंकीपॉक्स के 71 मामले सामने आए। 
 
कनाडा की मुख्य जन स्वास्थ्य अधिकारी थेरेसा टैम ने कहा कि दर्ज किए गए अधिकांश मामले समलैंगिक और उभयलिंगी पुरुषों के हैं। उन्होंने कहा कि इस संक्रमण की चपेट में आने का खतरा किसी समूह से संबंधित नहीं है और पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी समान रूप से इससे प्रभावित हो सकती हैं।
 
उधर, क्यूबेक स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को 21 दिनों की अवधि के भीतर लक्षणों की निगरानी करने की सलाह दी है। मंत्रालय ने कहा है कि यदि वे संक्रमण के एक संदिग्ध मामले के साथ या रोगसूचक व्यक्तियों के निकट संपर्क में रहे हैं, तो विशेष सावधानी बरतें। मंत्रालय ने कहा कि एक ही बिस्तर पर सोने से बचें, यौन संबंधों से बचें, उनके (पीड़ित) साथ अपने संपर्क को सीमित करें और उनकी उपस्थिति में मास्क पहनें।
 
मंकीपॉक्स एक पशुजन्य बीमारी है, जो जानवरों से मनुष्यों में फैलती है। यह वायरस उसी परिवार से संबंधित है, जिसके कारण 1980 में समाप्त हो चुके चेचक की बीमारी उत्पन्न होती थी। संयुक्त राज्य के कई डॉक्टरों ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि यह रोग पहचान योग्य और उपचार योग्य है और जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Atal Pension yojana : अटल पेंशन योजना से जुड़े 4 महत्वपूर्ण सवाल