Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

म्यांमार में भूकंप के चलते जुंटा सरकार ने घोषित किया अस्थाई युद्धविराम, भूकंप ने मचाई तबाही

Advertiesment
हमें फॉलो करें Myanmar

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

बैंकॉक , बुधवार, 2 अप्रैल 2025 (21:49 IST)
म्यांमार में सत्तारूढ़ सेना ने देश में जारी गृहयुद्ध को लेकर बुधवार को अस्थायी संघर्षविराम की घोषणा की ताकि 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद राहत प्रयासों में मदद मिल सके। इस भूकंप में 3,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है। सेना की उच्च कमान की यह घोषणा बुधवार देर शाम सरकारी टेलीविजन एमआरटीवी पर प्रसारित की गई। घोषणा में कहा गया कि यह संघर्षविराम 22 अप्रैल तक जारी रहेगा और इसका उद्देश्य शुक्रवार के भूकंप से प्रभावित लोगों के प्रति सहानुभूति प्रदर्शित करना है। यह घोषणा सैन्य शासन का विरोध करने वाले सशस्त्र प्रतिरोध संगठनों द्वारा घोषित एकतरफा अस्थायी युद्ध विराम के बाद की गई है।
 
सेना के बयान में कहा गया है कि इन संगठनों को राज्य पर हमला करने या फिर से संगठित होने से बचना चाहिए, अन्यथा सेना ‘आवश्यक’ कदम उठाएगी। बुधवार को इससे पहले, बचावकर्मियों ने भूकंप के पांच दिन बाद देश की राजधानी में एक होटल के खंडहरों से दो लोगों को जीवित निकाला और एक अन्य शहर के गेस्टहाउस से तीसरे व्यक्ति को जीवित निकाला। लेकिन अधिकतर टीम को केवल शव ही मिल रहे थे।
 
शुक्रवार दोपहर भूकंप आने के कारण हज़ारों इमारतें ढह गईं, पुल ढह गए और सड़कों में जगह-जगह दरारें पड़ गईं। एमआरटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को मरने वालों की संख्या बढ़कर 3,003 हो गई, जबकि 4,500 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार हताहतों की संख्या इससे कहीं ज़्यादा है।
 
म्यांमार गृहयुद्ध से जूझ रहा है और इस भूकंप ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, भूकंप आने से पहले ही 30 लाख से ज़्यादा लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके थे और लगभग दो करोड़ लोग जरूरतमंद थे।
 
सेना से लड़ने वाले दो प्रमुख सशस्त्र प्रतिरोध बलों ने भूकंप के प्रति मानवीय राहत एवं बचाव कार्रवाई को सुगम बनाने के लिए संघर्षविराम की घोषणा की थी। लेकिन सेना ने शुरू में अपने हमलों में नरमी नहीं दिखाई थी। सेना ने 2021 में आंग सान सू की की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार से सत्ता छीन ली थी। Edited by: Sudhir Sharma

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Waqf Amendment Bill : कानून सबको स्वीकार करना पड़ेगा, वक्फ बोर्ड कैसे करेगा काम, अमित शाह ने लोकसभा में समझाया