Publish Date: Thu, 02 Apr 2026 (08:49 IST)
Updated Date: Thu, 02 Apr 2026 (09:06 IST)
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का मानव मिशन आर्टेमिस-II भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 4:05 बजे फ्लोरिडा से सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ। 54 साल बाद यह चंद्रमा का पहला मानवयुक्त मिशन है। इससे पहले 1972 में अपोलो 17 चांद की ओर रवाना हुआ था।
यह मिशन आर्टेमिस कार्यक्रम का दूसरा चरण है। लगभग 32 मंजिला ऊंचा यह रॉकेट अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की कक्षा में एक दिन बिताने के बाद ओरियन कैप्सूल के जरिए चंद्रमा की ओर लेकर जाएगा।
10 दिन के आर्टेमिस 2 मिशन में अंतरिक्षयात्री चांद की सतह पर नहीं उतरेंगे बल्कि इस योजना में चांद का चक्कर लगाते हुए पृथ्वी से उतनी दूर जाएंगे जहां पर आज तक कोई नहीं गया है। नासा का कहना है कि यह मिशन इंसानों को चांद और आगे मंगल ग्रह तक बसाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
4 अंतरिक्ष यात्रियों ने भरी उड़ान
इस मिशन में क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर, रीड वाइसमैन और जेरेमी हैनसेन सवार हैं, जिन्हें एसएलएस रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया।
54 साल बाद इंसानों की यह यात्रा सिर्फ ऐतिहासिक नहीं, भविष्य की लंबी अंतरिक्ष यात्राओं के लिए निर्णायक वैज्ञानिक प्रयोग भी है। इस दौरान चार अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की सुरक्षा सीमा से बाहर जाकर कॉस्मिक रेडिएशन और अंतरिक्षीय परिस्थितियों का सामना करेंगे, जहां उनके शरीर में होने वाले हर बदलाव को रिकॉर्ड किया जाएगा।
आर्टेमिस 2 की सफलता के बाद आर्टेमिस 3 में चंद्रमा पर मानव लैंडिंग की योजना है। आर्टेमिस मिशन का उद्देश्य 2020 के दशक के अंत तक चंद्रमा की सतह पर पहली महिला को उतारना है।
edited by : Nrapendra Gupta
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
Publish Date: Thu, 02 Apr 2026 (08:49 IST)
Updated Date: Thu, 02 Apr 2026 (09:06 IST)