Publish Date: Mon, 23 Oct 2017 (15:57 IST)
Updated Date: Mon, 23 Oct 2017 (16:08 IST)
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधानमंत्री के करीबी सहयोगी तथा विवादों में घिरे देश के वित्तमंत्री इसहाक डार पनामा पेपर्स घोटाले से संबंधित रिश्वत के मामले की सुनवाई के लिए सोमवार को 7वीं बार यहां भ्रष्टाचार निरोधक अदालत में पेश हुए। डॉन की खबरों के अनुसार सोमवार को सुनवाई में राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने मंत्री के खिलाफ 2 नए गवाह पेश किए।
पनामा पेपर्स घोटाला मामले में सर्वोच्च न्यायालय के 28 जुलाई के फैसले के बाद ब्यूरो ने 67 वर्षीय डार के खिलाफ 8 सितंबर को एक केस दर्ज किया था। पनामा पेपर से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के फैसले में शरीफ और उनके परिवार को दोषी करार दिया गया था। शीर्ष अदालत ने शरीफ को अयोग्य करार देते हुए उनके, उनके बच्चों मरियम, हुसैन और हसन तथा दामाद मोहम्मद सफदर के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने का आदेश दिया था।
खबर में कहा गया है कि पहला गवाह तथा एक निजी बैंक की पार्लियामेंट शाखा के प्रबंधक अब्दुल रहमान गोंडल ने अपना बयान दे दिया है और डार के अधिवक्ता ख्जावा हारिस जिरह कर रहे हैं। इसमें कहा गया है कि गोंडल ने डार के बैंक खातों की जानकारी उपलब्ध करवाई है। प्रबंधक ने अदालत को बताया कि जवाबदेही ब्यूरो ने 16 अगस्त को संबंधित दस्तावेजों के साथ उन्हें समन किया था और डार से संबंधित रिकॉर्ड उन्होंने ब्यूरो के जांच अधिकारी को दे दिया है।
गोंडाल ने बताया कि उन्होंने 25 मार्च 2005 से 16 अगस्त 2017 तक के डार के खाते का स्टेटमेंट ब्यूरो को मुहैया करवा दिया है। खबर में यह भी कहा गया है कि गवाह ने डार के बैंक लेन-देन की जो विस्तृत जानकारी मुहैया करवाई है, अदालत ने उसे मुकदमे के रिकॉर्ड में शामिल कर लिया है।
निजी बैंक में आरेशन प्रबंधक के पद पर तैनात दूसरा गवाह मसूद गनी सोमवार को दिन में बाद में अपनी गवाही देंगे। इससे पहले मंत्री के वरिष्ठ अधिवक्ता के हड़बड़ी में देश छोड़ने के बाद बुधवार को रिश्वत मामले की सुनवाई को अदालत ने 23 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी थी। (भाषा)
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Publish Date: Mon, 23 Oct 2017 (15:57 IST)
Updated Date: Mon, 23 Oct 2017 (16:08 IST)