Publish Date: Tue, 02 Jun 2020 (09:01 IST)
Updated Date: Tue, 02 Jun 2020 (09:18 IST)
मिनियापोलिस। अमेरिका के एक डॉक्टर ने जॉर्ज फ्लॉयड की मौत को सोमवार को 'हत्या' करार दिया और कहा कि पुलिस द्वारा उसे बांधे रखने और गले पर दबाव बनाने के कारण उसके दिल ने काम करना बंद कर दिया था। यही वाकया कैमरे में भी कैद हो गया था जिसके बाद से पूरे देश में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। चिकित्सीय रिपोर्ट में कहा गया कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा दबाव बनाए रखने के कारण मृतक को दिल का दौरा पड़ा।
इस रिपोर्ट में मौत के अन्य महत्वपूर्ण कारणों में फ्लॉयड का दिल की बीमारी और उच्च रक्तचाप से पीड़ित होना तथा फेंटानिल का नशा और हाल में मेथामफेटामाइन का प्रयोग करना भी बताया गया। मिनियापोलिस के एक पुलिस अधिकारी पर फ्लॉयड की मौत के मामले में थर्ड डिग्री हत्या का आरोप लगा है और उसके साथ 3 अन्य अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है।
एक राहगीर द्वारा बनाए गए वीडियो में अधिकारी डेरेक चॉवीन फ्लॉयड के गले पर अपने घुटने से दबाव बनाता दिख रहा है जबकि वह लगातार कहता रहा कि वह सांस नहीं ले पा रहा है और अंतत: उसने हिलना-डुलना बंद कर दिया। फ्लॉयड परिवार के वकील ने सोमवार को बताया कि उसके परिवार के लिए किए गए पोस्टमार्टम में पाया गया कि गले और पीठ पर दबाव के कारण सांस नहीं ले पाने के चलते उसकी मौत हुई।
वकील बेन क्रंप ने बताया कि एरिक गार्नर के शव का परीक्षण करने वाले एक अन्य डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया कि दबाव के कारण फ्लॉयड के मस्तिष्क तक खून नहीं पहुंच पाया और उसकी पीठ पर अन्य अधिकारियों के घुटने से बनाए गए दबाव ने उसका सांस ले पाना मुश्किल कर दिया था। (भाषा)
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Publish Date: Tue, 02 Jun 2020 (09:01 IST)
Updated Date: Tue, 02 Jun 2020 (09:18 IST)