Publish Date: Wed, 10 Jan 2018 (17:17 IST)
Updated Date: Wed, 10 Jan 2018 (17:25 IST)
न्यू यॉर्क। नासा के कैसिनी अंतरिक्षयान से प्राप्त डेटा का इस्तेमाल करते हुए अंतरिक्ष विज्ञानियों ने शनि के चंद्रमा टाइटन का एक वैश्विक मानचित्र तैयार किया है और इससे पाया कि इसकी भौगोलिक विशेषताएं पृथ्वी से काफी मिलती जुलती हैं।
शनि ग्रह के चंद्रमा टाइटन की भौगोलिक विशेषताएं पृथ्वी से काफी मिलती जुलती हैं। इन मानचित्र में विभिन्न स्रोतों से जुटायी गई टाइटन की सभी स्थलाकृतियों को शामिल किया गया है। इसमें टाइटन पर नए पहाड़ों समेत कई नई स्थलाकृतियों का खुलासा हुआ।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इनमें से कोई भी पहाड़ 700 मीटर से अधिक की ऊंचाई का नहीं है। यह मानचित्र टाइटन की स्थलाकृतियों की ऊंचाई एवं गहराई का भी वैश्विक चित्रण करता है, जिससे वैज्ञानिक यह पुष्टि कर पाए कि टाइटन की भूमध्यरेखा क्षेत्र में मौजूद दो स्थान वास्तव में गड्ढे हैं जो संभवत: या तो काफी पुराने हैं या सूखे हुए समुद्र अथवा क्रायोवोल्कैनिक प्रवाह हैं।
इसमें यह भी खुलासा हुआ है कि टाइटन के बारे में हमारी पहले की जो समझ थी उसकी तुलना में यह काफी हद तक चपटा और कहीं अधिक समतल है, साथ ही इसके आवरण की मोटाई में भी पहले की तुलना में अधिक भिन्नता है।
अमेरिका में कॉरनेल यूनिवर्सिटी से पॉल कोरलाइन्स ने कहा कि हमारे कार्य का मुख्य बिंदु था कि वैज्ञानिक समुदाय इस्तेमाल के लिए एक मानचित्र तैयार करें। यह मानचित्र टाइटन के जलवायु का प्रतिरूपण करने वालों, टाइटन के आकार एवं गुरुत्वाकर्षण के अध्ययन एवं अंदरूनी प्रतिरूपों की जांच के साथ जमीन की आकृति के रूपों का अध्ययन करने की इच्छा रखने वालों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि टाइटन के तीन समुद्र समान समतल सतह साझा करते हैं। इसका तात्पर्य है कि पृथ्वी के महासागर के समान ही समुद्र स्तर का निर्माण करते हैं।