Publish Date: Thu, 26 Apr 2018 (15:35 IST)
Updated Date: Thu, 26 Apr 2018 (15:39 IST)
लंदन। वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में बैठे-बैठे अंतरिक्ष में होने वाली विचित्र घटनाओं जैसे कि सौर प्रज्वाल (सोलर फ्लेयर), कॉस्मिक विकिरण और नॉर्दर्न लाइट्स का अध्ययन करने का नया तरीका ईजाद किया है। सौर प्रज्वाल सूरज की सतह के किसी स्थान पर अचानक बढ़ने वाली चमक को कहते हैं।
स्वीडन में चाल्मर्स यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलजी में शोधकर्ता लोंगकिंग यी ने कहा, 'वैज्ञानिक एक दशक से अंतरिक्ष में होने वाली इन घटनाओं का अध्ययन पृथ्वी पर करने की कोशिश कर रहे हैं।'
उन्होंने कहा, 'हमारे नए तरीके से हम एक नए युग में प्रवेश कर सकते हैं और उन घटनाओं का अध्ययन कर सकते हैं जिनका पहले अध्ययन करना असंभव था। यह हमें इस बारे में और अधिक बताएगा कि ये घटनाएं कैसे घटी।' यह शोध नेचर कम्युनिकेशंस पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
यह शोध तथाकथित 'मैग्नेटिक रिकनेक्शन' से संबंधित है जिनसे ये घटनाएं होती है। मैग्नेटिक रिकनेक्शन वह प्रक्रिया है जो सूर्य और पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्रों की परस्पर प्रतिक्रिया के कारण होती है। (भाषा)
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Publish Date: Thu, 26 Apr 2018 (15:35 IST)
Updated Date: Thu, 26 Apr 2018 (15:39 IST)