Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia

आज के शुभ मुहूर्त

(आमलकी एकादशी)
  • तिथि- फाल्गुन शुक्ल एकादशी
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:35 से 03:20 तक
  • त्योहार/व्रत/मुहूर्त- आमलकी एकादशी, रंगभरी ग्यारस, आजाद शहीद दिवस
  • राहुकाल: सुबह 11:10 से 12:35 तक
webdunia

विश्व-वंदनीय जैन संत आचार्यश्री विद्यासागरजी का जीवन परिचय

Advertiesment
Vidya Sagar
* संत शिरोमणि जैन आचार्यश्री विद्यासागरजी का जीवन परिचय 
 
विश्व-वंदनीय जैन संत आचार्यश्री 108 विद्यासागरजी महाराज भारत भूमि के प्रखर तपस्वी, चिंतक, कठोर साधक, लेखक हैं। जानिए आचार्यश्री आचार्यश्री विद्यासागरजी का जीवन परिचय। 
 
पूर्व नाम : श्री विद्याधरजी
 
पिताश्री : श्री मल्लप्पाजी अष्टगे (मुनिश्री मल्लिसागरजी)
 
माताश्री : श्रीमती श्रीमंतीजी (आर्यिकाश्री समयमतिजी)
 
भाई/बहन : चार भाई, दो बहन
 
जन्म स्थान : चिक्कोड़ी (ग्राम- सदलगा के पास), बेलगांव (कर्नाटक)
 
जन्मतिथि : आश्विन शुक्ल पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) वि.सं. 2003, 10-10-1946, गुरुवार, रात्रि में 12.30 बजे। 
 
जन्म नक्षत्र : उत्तरा भाद्रपद। 
 
मातृभाषा : कन्नड़। 
 
शिक्षा : 9वीं मैट्रिक (कन्नड़ भाषा में)
 
ब्रह्मचर्य व्रत : श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र, चूलगिरि (खानियाजी), जयपुर (राजस्थान)
 
प्रतिमा : सात (आचार्यश्री देशभूषणजी महाराज से)
 
स्थल : 1966 में श्रवणबेलगोला, हासन (कर्नाटक)
 
मुनि दीक्षा स्थल : अजमेर (राजस्थान)
 
मुनि दीक्षा तिथि : आषाढ़ शुक्ल पंचमी, वि.सं. 2025, 30-06-1968, रविवार
 
आचार्य पद तिथि : मार्गशीर्ष कृष्ण द्वितीया- वि.सं. 2029, दिनांक 22-11-1972, बुधवार
 
आचार्य पद स्थल : नसीराबाद (राजस्थान) में, आचार्यश्री ज्ञानसागरजी ने अपना आचार्य पद प्रदान किया।
 
ऐसे महान शरद पूर्णिमा के शरदचन्द्र, आत्मविद्या के पथ-प्रदर्शक जैनाचार्य विद्यासागरजी का आज जन्मदिवस है। आचार्यश्री ऐसे शरदचन्द्र हैं, जो अपने जन्मकाल से आज तक प्रतिदिन, प्रतिपल निरंतर जिन धर्म की धवल ज्योत्स्ना से संसार को प्रकाशित कर रहे हैं। 
 
प्रस्तुति : राजश्री कासलीवाल 
 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

बुधवार : आज क्या करें कि दिन शुभ हो, पढ़ें सरल उपाय...