Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

जम्मू कश्मीर के डीजी की हत्या, आतंकी संगठन TRF ने ली हत्या की जिम्मेदारी

हमें फॉलो करें webdunia
मंगलवार, 4 अक्टूबर 2022 (08:14 IST)
जम्मू। जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (जेल) हेमंत लोहिया की यहां उनके निवास पर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद से उनका घरेलू नौकर लापता है। आतंकी संगठन पीएएफएफ ने हत्या की जिम्मेदारी ली है। हालांकि पुलिस ने इस मामले के किसी आतंकी कनेक्शन से इंकार किया है। लोहिया को अगस्त में पुलिस महानिदेशक (जेल) बनाया गया था।

PAFF के प्रवक्ता तनीवर अहमद राथर ने इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए यह दावा किया है। उसने लिखा कि जम्मू कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर आए गृहमंत्री अमित शाह को इतनी सख्त सुरक्षा के बावजूद यह छोटा सा तोहफा है।
 
पीएएफएफ ने डीजी जेल की हत्या करने का जो दावा किया है, उसके बारे में जम्मू कश्मीर पुलिस ने फिलहाल कोई अधिकारिक बयान नहीं दिया है।
 
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जम्मू क्षेत्र) मुकेश सिंह ने बताया कि 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी लोहिया (52) शहर के बाहरी इलाके में अपने उदयवाला निवास पर मृत मिले और जिनका गला रेता गया था। घरेलू सहायक फरार है और उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।
 
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने कहा कि अपराध स्थल के प्रथम परीक्षण से पता चलता है कि यह हत्या का संदिग्ध मामला है। उन्होंने कहा कि अधिकारी का घरेलू सहायक फरार है। उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।
 
सिंह ने कहा कि फॉरेंसिंक एवं अपराध जांच दल मौके पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। वरिष्ठ अधिकार मौके पर हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर पुलिस परिवार अपने वरिष्ठ अधिकारी की मौत पर दुख प्रकट करता है।

बैंक प्रबंधक पर भी आतंकी हमला : जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सोमवार को आतंकियों ने एक गैर-स्थानीय बैंक प्रबंधक पर गोलीबारी की लेकिन वह इस हमले में सुरक्षित बच गए। आतंकवादियों ने देहरादून निवासी विवेक कुमार पर हमला करने का प्रयास किया। वह वर्तमान में कुंजर के धोबीवान में रह रहे हैं और पट्टन के गौशबाग में ग्रामीण बैंक के प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं। हालांकि हमले में आतंकवादी सफल नहीं हो सके और बैंक प्रबंधक बाल-बाल बच गए।
Edited by : Nrapendra Gupta 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

रूस-यूक्रेन युद्ध: अमेरिकी प्रतिबंधों से रूस की अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान हो रहा है?