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कारगिल युद्ध के शहीदों को किया गया याद, 527 जांबाजों ने दिया था बलिदान

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kargil vijay diwas
जम्मू। कारगिल विजय दिवस की वर्षगांठ पर द्रास में समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि सेना का हर जवान देश की सुरक्षा के लिए समर्पित है। किसी भी चुनौती का सामना करने और किसी भी शहादत के लिए सेना हमेशा तैयार है। कारगिल युद्ध की यादें मंगलवार को 'कारगिल विजय दिवस' पर ताजा हो गईं।
 
विपरीत हालात में लड़ा युद्ध: 23 साल पहले ऊंची व दुर्गम चोटियों पर विपरीत हालात में लड़े गए कारगिल युद्ध की यादें मंगलवार को 'कारगिल विजय दिवस' पर ताजा हो गईं। भारतीय सेना के जवानों की वीरता की प्रतीक कारगिल की चोटियों में द्रास में स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल में मंगलवार सुबह भारतीय सेना के चीता हेलीकॉप्टरों ने फूल बरसाकर दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देते शहीद हुए सेना के अधिकारियों व जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
 
उपराज्यपाल ने दी श्रद्धांजलि : इस अवसर पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी 'कारगिल विजय दिवस' पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मैं हमारे अमर वीरों के मूल्य और साहस को सलाम करता हूं जिन्होंने हमारे महान राष्ट्र की सम्प्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ी।
 
देशसेवा जारी रखने की अपील की: जम्मू-कश्मीर व लद्दाख की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली सेना की उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने शहीदों को सलामी दी। इस मौके पर उन्होंने सैनिकों को अपने शहीदों से प्रेरणा लेते हुए देशसेवा जारी रखने के लिए कहा। आर्मी कमांडर के साथ भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों व सेना की माउंटेन डिवीजन के जीओसी ने शहीदों को शहीदों को पुष्पच्रक अर्पित किए। इस मौके पर कारगिल हिल काउंसिल के चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसिल फिराज खान व लद्दाख प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
 
हेलीकॉप्टरों से फूल बरसाए : फूलों से सजाए गए द्रास वॉर मेमोरियल में हेलीकॉप्टरों से फूल बरसाने के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में लाइट एंड साउंड के जरिए कारगिल युद्ध की यादों को भी ताजा कर दिया। वर्ष 1999 के उस मंजर को ताजा किया गया, जब भारतीय सैनिकों ने बुलंद हौसले के साथ कारगिल की चोटियों पर बैठे दुश्मन पर करारा आघात कर उसे मार भगाया था। कारगिल युद्ध के दौरान टाइगर हिल, टोलोलिंग, मुश्कोह वैली व लोमोचन टॉप जैसी चोटियों को जीतने के लिए लड़ी गई थी।
 
527 जवान शहीद हुए : जानकारी के लिए 23 साल पहले लड़े गए कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के 527 वीर शहीद हुए थे। भारतीय सेना व वायुसेना ने मिलकर दुश्मन पर कड़े प्रहार करते हुए पाकिस्तानी सेना को खदेड़ दिया था। ऐसे में 23वें 'कारगिल विजय दिवस' में कई शहीदों के परिवार भी पहुंचे हैं। 'कारगिल विजय' दिवस के मुख्य कार्यक्रम में मंगलवार को 14 वीर नारियां, 2 वीर माताएं व कारगिल युद्ध के 10 नायकों के साथ कई पूर्व सैनिकों ने हिस्सा लिया।(फ़ाइल चित्र)

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