Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

गणतंत्र दिवस पर आतंकी हमलों का खतरा, डांगरी नरसंहार के बाद हिन्दू बहुल क्षेत्रों में डर का माहौल

हमें फॉलो करें गणतंत्र दिवस पर आतंकी हमलों का खतरा, डांगरी नरसंहार के बाद हिन्दू बहुल क्षेत्रों में डर का माहौल

सुरेश एस डुग्गर

, रविवार, 15 जनवरी 2023 (10:55 IST)
जम्मू। गणतंत्र दिवस पर आतंकी हमलों का खतरा मंडरा रहा है। पूरे जम्मू कश्मीर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। डांगरी नरसंहार के बाद से हिन्दू बहुल क्षेत्रों में आतंकी हमले की आशंक से डर का माहौल बना हुआ है।
 
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह से पहले कश्मीर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, साथ ही श्रीनगर और आसपास के इलाकों में सेना कड़ी निगरानी रख रही है। उन्होंने कहा कि घाटी में सुरक्षा की स्थिति में पिछले वर्षों की तुलना में हालांकि काफी सुधार हुआ है पर डांगरी नरसंहार के उपरांत अचानक माहौल खौफजदा होने लगा है।
 
उन्होंने कहा कि नवीनतम तकनीक ने सुरक्षा एजेंसियों को श्रीनगर में स्थिति पर नजर रखने में भी मदद की है। आतंकियों पर नजर रखने के लिए 'ब्लैक पैंथर' कमांड कंट्रोल व्हीकल और सीसीटीवी कैमरों सहित वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
 
webdunia
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि आतंकवादी समूहों को शहर में प्रवेश करने से रोकने के लिए, श्रीनगर की सीमा वाले इलाके हमारे फोकस में हैं। हमने स्थिति पर नजर रखने और आगंतुकों को व्यवस्थित करने के लिए अस्थायी बंकर बनाए हैं।
 
अधिकारी ने कहा कि संबंधित जिला एसएसपी उन स्थानों के आसपास निगरानी रखेंगे जहां परेड होगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधियों के मामले में, क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर निवारक निरोध किए जा सकते हैं। हम किसी भी अप्रिय घटना को विफल करने के लिए अलर्ट पर हैं। सुरक्षा बल सतर्क हैं और देश विरोधी तत्वों के प्रयासों को विफल करने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
 
webdunia
डीआईजी सीकेआर कुमार ने पर्यवेक्षी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में मौजूद रहें और सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त आरक्षित क्यूआरटी चौबीसों घंटे उपलब्ध रखें। उन्होंने राष्ट्रीय आयोजन के सुचारू और घटना मुक्त संचालन के लिए सभी खुफिया एजेंसियों, सेना और सीएपीएफ के बीच अपने-अपने क्षेत्रों में उचित समन्वय के लिए जोर दिया।
 
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कश्मीर फ्रंटियर के महानिरीक्षक अशोक यादव ने भी कहा कि गणतंत्र दिवस से पहले सीमाओं पर गश्त और तैनाती तेज कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आतंकवादी समूह अपनी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं और सीमा पर सुरक्षा बल इस तरफ किसी भी आतंकी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने के लिए अलर्ट पर हैं।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

हरिद्वार में गंगा स्नान जारी, 10 लाख श्रद्धालुओं लगायेंगे डुबकी