Publish Date: Tue, 16 Aug 2022 (11:55 IST)
Updated Date: Tue, 16 Aug 2022 (12:01 IST)
Lord Shri Krishna symbol : इस बार सन 2022 में श्री कृष्ण का 5250वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। श्रीकृष्ण को उनके विशेष स्वरूप और प्रतीकों के साथ पहचाना जाता है, क्योंकि उनका रूप अनोखा है। आओ जानते हैं श्रीकृष्ण के 10 शुभ प्रतीकों के बारे में।
1. बांसुरी : ढोल मृदंग, झांझ, मंजीरा, ढप, नगाड़ा, पखावज और एकतारा में सबसे प्रिय बांस निर्मित बांसुरी भगवान श्रीकृष्ण को अतिप्रिय है। इसे वंसी, वेणु, वंशिका और मुरली भी कहते हैं। बांसुरी से निकलने वाला स्वर मन-मस्तिष्क को शांति प्रदान करता है। जिस घर में बांसुरी रखी होती है वहां के लोगों में परस्पर तो बना रहता है साथ ही सुख-समृद्धि भी बनी रहती है।
2. मोर पंख : मोर पंख भगवान कार्तीकेय का प्रतीक है। हिंदू धर्म में मोर को धन की देवी लक्ष्मी और विद्या की देवी सरस्वती के साथ जोड़कर देखा जाता है। भगवान श्रीकृष्ण मोर पंक्ष को अपने मुकुट में लगाते हैं। मोर पंख को बांसुरी के साथ घर में रखने से रिश्तों में प्रेम रस घुल जाता है। हिन्दू धर्म में मोर के पंखों का विशेष महत्व है। मोर के पंखों में सभी देवी-देवताओं और सभी नौ ग्रहों का वास होता है।
3. गाय : भगवान श्रीकृष्ण एक गोपालक थे। गाय उनका सबसे प्रिय पशु है। उन्हीं के कारण गोपद्वम व्रत, गोवत्स द्वादशी व्रत, गोपाष्टमी आदि व्रत एवं त्योहार मनाए जाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने गाय के महत्व को बढ़ाने के लिए गाय पूजा और गौशालाओं के निर्माण की नए सिरे से नींव रखी थी। भगवान बालकृष्ण ने गाएं चराने का कार्य गोपाष्टमी से प्रारंभ किया था। हिन्दू धर्म के अनुसार गाय में 33 कोटि देवी-देवता निवास करते हैं।
4. वैजयंती माला : वैजयंती के फूल और माला अति शुभ और पवित्र है। भगवान विष्णु और लक्ष्मी को यह अति प्रिय है। श्रीकृष्ण को यह माला अत्यन्त प्रिय है। भगवान श्रीकृष्ण हमेशा अपने गले में इसे धारण करते थे।
5. माखन मिश्री : भगवान श्रीकष्ण को माख और मिश्री भी बहुत ही प्रिय है। उन्हें माखन और मिश्री का भोग लगाने से वे प्रसन्न हो जाते हैं।
6. पीतांबर वस्त्र : भगवान श्रीकृष्ण को पीतांबरधारी भी कहा जाता है क्योंकि वह पीतांबर वस्त्र पहनते हैं। पीतांबर अर्थात पीले रंग का वस्त्र। यह रंग बृहस्पति का रंग भी है।
7. सुदर्शन चक्र : भगवान श्रीकृष्ण को चक्रधारी भी कहते हैं। महाभारत काल में मात्र उन्हीं के पास चक्र था जिसे सुदर्शन चक्र कहते हैं। कहते हैं कि यह चक्र उन्हें भगवान परशुराम से मिला था। हालांकि वे तो स्वयंव विष्णु ही है।
8. चंदन : चंदन मुख्यत: कई प्रकार के होते हैं- हरि चंदन, गोपी चंदन, सफेद चंदन, लाल चंदन, गोमती और गोकुल चंदन। चंदन का तिलक लगाने से पापों का नाश होता है, व्यक्ति संकटों से बचता है, उस पर लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है, ज्ञानतंतु संयमित व सक्रिय रहते हैं। चंदन का तिलक ताजगी लाता है और ज्ञान तंतुओं की क्रियाशीलता बढ़ाता है।
9. पाञ्चजन्य शंख : महाभारत में लगभग सभी योद्धाओं के पास शंख होते थे। उनमें से कुछ योद्धाओं के पास तो चमत्कारिक शंख होते थे, जैसे भगवान कृष्ण के पास पाञ्चजन्य शंख था जिसकी ध्वनि कई किलोमीटर तक पहुंच जाती थी।
10. मणि : स्यमंतक मणि के कारण भगवान श्रीकृष्ण को चोरी का आरोप झेलना पड़ा था। कहते हैं कि वह मणि जामवंतजी के पास थी। जामवंती जी से लाकर उन्होंने अक्रूरजी को दे दी थी। हालांकि श्रीकृष्ण के मुकुट में कई मणियां जड़ी होती थीं। भगवान विष्णु कौस्तुभ मणि धारण करते हैं।
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Publish Date: Tue, 16 Aug 2022 (11:55 IST)
Updated Date: Tue, 16 Aug 2022 (12:01 IST)