Publish Date: Mon, 31 Mar 2025 (17:55 IST)
Updated Date: Mon, 31 Mar 2025 (18:02 IST)
1000 bar hanuman chalisa padhne ke fayde: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन और मस्तिष्क में आध्यात्मिक बल प्राप्त होता है। संकल्प लेकर 100 या 108 बार हनुमान चालीसा पढ़ने से आपकी मनोकामना पूर्ण होती है, 300 बार हनुमान चालीसा पढ़ने से भूत प्रेत भाग जाते हैं, गृह कलेश दूर होता है और अटके कार्य पूर्ण होते हैं परंतु 1000 बार हनुमान चालीसा पढ़ने से क्या होता है।
1000 हनुमान चालीसा पढ़ने का समय: 1000 बार हनुमान चालीसा यदि निरंतर पढ़ते हैं तो इसके लिए कम से कम 2 से 3 दिन लग सकते हैं। हालांकि इसे दिन दिन में पढ़कर रात्रि में विराम देकर 4 दिन में पूर्ण किया जा सकता है। लगभग 30-40 घंटे तो लगेगे ही।
'जो सत बार पाठ कर कोई, छूटहि बंदि महा सुख होई'
अर्थ: जो 100 बार हनुमान चालीसा पढ़ता है वह हर तरह के बंधन से मुक्त होकर सुख पाता है।
क्या होगा 1000 बार हनुमान चालीसा पढ़ने से?:
1. यदि किसी प्रकार का कोई महासंकट हो तो संकल्प लेकर इसे पढ़ने से उस महासंकट का समाधान हो जाता है।
2. 1008 बार पाठ करने से जीवन की सभी बाधाओं और कष्टों से मुक्ति मिलती है।
3. 1000 बार पाठ करने से सभी तरह की नकारात्मक शक्तियों का नाश हो जाता है। बुरी आत्माओं से रक्षा होती है।
4. 1000 बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से हनुमानजी की कृपा तुरंत ही प्राप्त होती है।
5. 1000 बार हनुमान चालीसा पढ़ने से आपमें आध्यात्मिक बल, आत्मिक बल और मनोबल बढ़ता है।
6. इससे पवित्रता की भावना महसूस होती है। शरीर में हल्कापन लगता है और व्यक्ति खुद को निरोगी महसूस करता है।
7. इससे सभी तरह का भय, तनाव और असुरक्षा की भावना हट जाती है।
8. आपके घर से भूत भाग जाएगा और हर तरह की अलाबला दूर हो जाएगी।
9. हनुमान चालीसा पढ़ते वक्त आपको महसूस होगा कि हनुमानजी कहीं आसपास ही है।
10. आपके भीतर का डर, बेचैनी, तनाव और अशांति तुरंत ही दूर हो जाएगी।
कैसे करें 1000 बार हनुमान चालीसा का पाठ:-
1. 1000 बार हनुमान चालीसा पढ़ने के सामान्य से नियम हैं। पहला यह कि यदि पढ़ने का संकल्प लें तो उसे पूर्ण जरूर करें।
2. संकल्प लेते समय हनुमानजी के समक्ष अपनी इच्छा या मनोकामना का प्रकट करें।
3. 1000 बार हनुमान चालीसा एक ही जगह बैठकर पूर्ण करना चाहिए है।
4. 1000 बार हनुमान चालीसा पढ़ते समय किसी भी प्रकार का व्यवधान न हो इसका जरूर ध्यान रखें।
5. बीच में यदि लघुशंका या शौच आदि आए तो जाकर कर सकते हैं इसके बाद पुन: पवित्र होकर आसन पर बैठ जाएं।
6. चालीसा पढ़ने के लिए पहले हनुमानजी को एक पाट पर लाल कपड़ा बिछाकर उन्हें विराजमान करें और उनका आवाहन करें।
7. इसके बाद फिर उनकी विधिवत पूजा करें और उन्हें भोग लगाएं। शुद्ध घी या तिल के तेल का दिया जलाएं।
8. पूजा करने के बाद माचिस की 1000 तीली अपने बाईं ओर रख लें और फिर हनुमान चालीसा पढ़ते जाएं और एक एक तीली को उठाकर दाईं ओर रखते जाएं।
9. हनुमान चालीसा पूर्ण होने के बाद सुंदरकांड का पाठ करने के बाद समापन करें।
10. इसके बाद हनुमानजी को पुन: भोग लगाएं और फिर सभी को प्रसाद वितरण करें।
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