अब तो समय बदल गओ भैया, अब बदलो अपने लाने। जादा बच्चों को का करने, अब तो एकई-दो चाने। जादा भये सो पढ़ने पेहें, ने ढंग से खा-पी पेहें। महंगाई है, बीमारी है, ने ढंग से बे जी पेहें। जादा भीड़ बड़ा दई तो फिर, समझो पड़ हे पछताने। ...