Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

मजेदार बाल कविता : मुन्नी ने फूल गिने

हमें फॉलो करें webdunia
webdunia

प्रभुदयाल श्रीवास्तव

Flowers
 
किरणों के गमछे से,
सबके सब पूंछने हैं।
सूरज पर कोहरे के,
दाग लगे जितने हैं।
 
मंद पवन चलना है,
पतझड़ भी होना है।
गेहूं की बाली को,
बन जाना सोना है।
 
सूख गए पापड़ से,
पत्ते जो चिकने थे।
आमों की डालों पर,
बौर महक जाना है।
 
धरती को तीसी के,
रंग में रंग जाना है
मुन्नी ने नीले ये,
फूल गिने कितने थे।
 
(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

29 जून : प्रशांत चन्द्र महालनोबिस की याद में मनाया जाता है National statistics day