बल्ब फ्यूज था, हुआ अंधेरा, हथिनी थी घबराई। चढ़ी पोल पर बल्ब बदलने, नहीं बदल पर पाई। बल्ब होल्डर छोटा-सा था, सूंड मुटल्ली भारी। काम नहीं पूरा हो पाया, उतर आई बेचारी। बल्ब लगाना बल्ब फोड़ना, इंसानों का काम। हथिनी कैसे कर सकती थी, इसको अपने नाम।...