सिर पर बस्ता लादे शाला, जाते राम कटोरे। मिले आम के पेड़ राह में, झट उस पर चढ़ जाते। गदरे- गदरे आम तोड़कर, बस्ते में भर लाते। ऊधम में तो ग्राम चैम्पियन, पढ़ने में बस कोरे। गूलर लगे पेड़ में ऊंचे, वहां पहुंच न पाते। लक्ष्य भेदने तब...