Kids Poem कहा एक दिन दाल बहिन ने, छुट्टी आज मनाऊंगी। किसी थाल में चावल के संग, आज नहीं मैं जाऊंगी। चावल बोला अरी निगोड़ी, क्यों घमंड इतना करती, बोली है तरकारी मुझसे, हर दम साथ निभाऊंगी। क्यों डरते हो चावल भैया, मैं तेरी हमराही हूं, बहिन...