Publish Date: Fri, 07 Jul 2017 (18:59 IST)
Updated Date: Fri, 07 Jul 2017 (19:01 IST)
जिनीवा। अणु को विभक्त करने वाले, दुनिया के सबसे बड़े और सर्वाधिक शक्तिशाली स्मैशर पर काम कर रहे वैज्ञानिकों ने मंत्रमुग्ध कर देने का दोहरा आकर्षण रखने वाले एक कण की खोज की है। इस कण में पदार्थ के मूलभूत घटक कहलाने वाले उप अणुओं का दुर्लभ संयोजन है।
नए कण का नाम एक्सआईसीसीप्लस प्लस रखा गया है। समझा जाता है कि यह नई खोज प्रकृति के 4 मूलभूत बल में से एक के बारे में रहस्यों को सुलझाने में मददगार होगी। वर्तमान परिकल्पनाओं में, बैरीआन कुल के तहत आने वाले इस कण के अस्तित्व का अनुमान लगाया गया है। लेकिन भौतिक शास्त्री कई वर्षो से दो भारी उपकणों वाले ऐसे कण की खोज में लगे हुए हैं।
नवीनतम चिहिनत कण का द्रव्यमान करीब 3,621 मेगा इलेक्ट्रान वोल्ट है, जो कि अब तक खोजे जा चुके ज्यादातर बैरीआन की तुलना में 4 गुना अधिक भारी हैं। बैरीआन वास्तव में प्रोटान हैं। नए कण की इस खासियत का कारण उसके, मंत्रमुग्ध कर देने वाले दोहरे आकर्षण वाले उपकण की मौजूदगी है। इस खोज की घोषणा वेनिस में हाई एनर्जी फिजिक्स पर हुए ईपीएस सम्मेलन में की गई।
दुनिया के सबसे बड़े और शक्तिशाली पाटर्किल कोलाइडर सीईआरएन एस लार्ज हार्डन कोलाइडर में काम कर रहे वैज्ञानिकों का दावा है कि पहली बार ऐसे किसी कण की खोज की गई है। (भाषा)