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मंगल यदि है छठवें भाव में तो रखें ये 5 सावधानियां, करें ये 5 कार्य और जानिए भविष्य

हमें फॉलो करें मंगल यदि है छठवें भाव में तो रखें ये 5 सावधानियां, करें ये 5 कार्य और जानिए भविष्य

अनिरुद्ध जोशी

मंगल मकर में उच्च का कर्क में नीच का होता है। लाल किताब के अनुसार मंगल नेक और मंगल बद होता है। दसवें घर में मंगल है तो उसे उच्च का माना जाएगा और छटे घर में है तो नीच का माना जाएगा। लेकिन यहां घर में होने या मंदा होने पर क्या सावधानी रखें जानिए।
 
कैसा होगा जातक : यहां मंगल है तो समझों माता-पिता ने उसे बड़ी मन्नत से पाया, लेकिन वह साधु-संन्यासी स्वभाव वाला निकला। फिर भी ऐसा कर्मवीर होता है यदि मंगल अशुभ न होतो। मंगल छठे भाव में हो और बुध आठवें भाव हो तो जातक की छोटी उम्र में ही उसकी माता का देहान्त हो जाने की आशंका रहती है। मंगल छठे और बुध 12वें भाव में हो तो जातक के भाई-बहनों की स्थि‍ति दयनीय होती है। अन्य ग्रहों की शुभता पाकर या उपाय करके संपूर्ण दोष समाप्त हो जाते हैं।
 
पांच सावधानियां
1. कन्याओं का अपमान न करें।
2. पराई स्त्रियों पर बुरी नीयत न रखें।
3. रक्त को शुद्ध रखें।
4. खर्चे पर नियंत्रण रखें और क्रोध पर काबू रखें।
5. यदि लड़का पैदा हो तो उसके जन्मदिन की खुशियां न मनाएं। लड़के के शरीर पर सोना धारण न करें।
 
ये पांच कार्य करें
1. कन्याभोज कराते रहें।
2. जल, चांदी और तेल का दान दें।
3. छाया दान करें।
4. चार सूखे खड़कते ना‍रियल मंगलवार के दिन नदी में प्रवाहित करें।
5. मंगलवार के दिन हनुमानजी को सिंदूर चढ़ाएं और पीले लड्डू का प्रसाद चढ़ाकर लोगों को बांटें।

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