Publish Date: Fri, 24 Apr 2020 (10:46 IST)
Updated Date: Fri, 24 Apr 2020 (10:48 IST)
मकर और कुंभ का स्वामी शनि तुला में उच्च, मेष में नीच का होता है। लाल किताब में आठवें भाव में शनि बली और ग्यारहवां भाव पक्का घर है। सूर्य, चंद्र और मंगल की राशियों में शनि बुरा फल देता है। लेकिन यहां बारहवें घर में होने या मंदा होने पर क्या सावधानी रखें जानिए।
कैसा होगा जातक : यहां यदि शनि है तो ऐसे व्यक्ति को एकांत प्रिय संन्यासी माना जाएगा। शनि इस घर में अच्छा परिणाम देता है। जातक के दुश्मन नहीं होंगे। उसके कई घर होंगे। उसके परिवार और व्यापार में वृद्धि होगी। वह बहुत अमीर हो जाएगा, लेकिन शर्त यह कि वह सावधानियों का पालन करें।
5 सावधानियां :
1. शराब और मांस का सेवन ना करें।
2. झूठ ना बोलें और झूठी गवाही भी ना दें।
3. खर्चों पर ध्यान रखें, फिजूल खर्च ना करें।
4. मकान जैसा बन रहा है वैसा बनने दें उसमें अपनी अक्ल न लगाएं और न ही बनने से रोके।
5. यदि घर के किसी कमरे में अंधेरा बना रहता है तो रोशनी ना करें। अंधेरा बना रहने दें।
क्या करें :
1. माथे पर केसर का तिलक लगाएं।
2. शहद खर में रखें।
3. पीपल और शमी के पेड़ को जल अर्पित करें।
4. 5 शनिवार को छाया दान करें।
5. गुरुवार का उपवास करें।
6. किसी काले कपड़े में 12 बादाम बांधकर उसे किसी लोहे के बर्तन में भरकर किसी अंधेरे कमरे में रखने से अच्छे परिणाम मिलेंगे।