Publish Date: Fri, 06 Aug 2021 (14:20 IST)
Updated Date: Fri, 06 Aug 2021 (14:26 IST)
मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि व्यक्तिगत आवास और वाणिज्यिक अचल संपत्ति क्षेत्र में ऋण दरों में उल्लेखनीय कमी अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी है, क्योंकि यह क्षेत्र बड़ी संख्या में रोजगार देता है।
उन्होंने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा कि ब्याज दरों के संचरण में सुधार हुआ है यानी इसका फायदा आगे कर्जदारों को मिल रहा है।
दास ने कहा कि आरबीआई के मौद्रिक नीति उपायों और कार्रवाई का असर संचरण में उल्लेखनीय सुधार के रूप में परिलक्षित हो रहा है। फरवरी, 2019 से रेपो दर में 2.5 प्रतिशत की कमी के चलते ताजा रुपये के ऋण पर भारित औसत उधारी दर (WALR) में 2.17 प्रतिशत की कुल गिरावट आई है। गवर्नर ने यह भी कहा कि कर्ज दरों में कमी से आम लोगों पर बोझ कम हुआ है।
उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट बॉन्ड, ऋणपत्र, सीपी, सीडी और टी-बिल जैसे बाजार के उपकरणों पर ब्याज दरों सहित घरेलू उधारी लागत कम हो गई है। ऋण बाजार में एमएसएमई, आवास और बड़े उद्योगों के लिए कर्ज दरों में संचरण मजबूत रहा है। कम ब्याज दर व्यवस्था ने घरेलू क्षेत्र के लिए कर्जे के बोझ को कम करने में भी मदद की है।
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत आवास ऋण और वाणिज्यिक अचल संपत्ति क्षेत्र के ऋण पर ब्याज दरों में उल्लेखनीय कमी अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है, क्योंकि ये क्षेत्र बड़ी संख्या में रोजगार देते हैं। (भाषा)