Publish Date: Wed, 25 May 2022 (07:59 IST)
Updated Date: Wed, 25 May 2022 (18:12 IST)
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने महंगाई के खिलाफ जंग छेड़ दी है। पेट्रोल-डीजल, खाद्य तेल के बाद अब चीनी भी सस्ती हो जाएगी। सरकार ने 1 जून से इसके निर्यात पर रोक लगा दी है। सरकार के इस कदम से इन वस्तुओं की घरेलू कीमतों में नरमी आएगी और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा कि चीनी (कच्ची, परिष्कृत और सफेद चीनी) का निर्यात एक जून, 2022 से प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है। चीनी मौसम 2021-22 (अक्टूबर-सितंबर) के दौरान देश में चीनी की घरेलू उपलब्धता और मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए, उसने एक जून से चीनी निर्यात को विनियमित करने का निर्णय लिया है।
सरकार ने चीनी मौसम 2021-22 (अक्टूबर-सितंबर) के दौरान घरेलू उपलब्धता और मूल्य स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से 100 एलएमटी (लाख मीट्रिक टन) तक चीनी के निर्यात की अनुमति देने का निर्णय लिया है।
डीजीएफटी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, एक जून, 2022 से 31 अक्टूबर, 2022 तक, या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, चीनी के निर्यात की अनुमति चीनी निदेशालय, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की विशिष्ट अनुमति के साथ दी जाएगी।
हालांकि सरकार ने साफ कहा कि यह पाबंदी CXL और TRQ के तहत यूरोपीय संघ और अमेरिका को निर्यात की जाने वाली चीनी पर लागू नहीं होगा।
इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष में चीनी का उत्पादन 14 प्रतिशत तक बढ़कर कुल 348.83 लाख टन पर पहुंच गया है। उत्पादन बढ़ने और निर्यात पर रोक लगने से इसके दाम तेजी से घटेंगे।
देश में फिलहाल थोक बाजार में चीनी के दाम 3150 से 3500 रुपए प्रति क्विंटल है। वहीं रिटेल में यह 36 से 44 रुपए प्रति किलों मिल रही है।
सस्ता होगा खाद्य तेल : सरकार ने सोयाबीन और सूरजमुखी तेल के आयात पर कस्टम ड्यूटी खत्म खत्म कर दी है। कृषि और बुनियादी शुल्क और विकास सेस भी खत्म किया गया है। इससे खाद्य तेल के दाम तेजी से कम होंगे।
वित्त मंत्रालय की तरफ से मंगलवार को जारी अधिसूचना के अनुसार सालाना 20 लाख टन कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेल पर वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 में आयात शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
इससे पहले सरकार ने पिछले सप्ताह पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाया था। साथ ही इस्पात और प्लास्टिक उद्योग में इस्तेमाल होने वाले कुछ कच्चे माल पर आयात शुल्क भी हटाने का निर्णय लिया था। सरकार ने 14 मई को गेहूं के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया था।
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Publish Date: Wed, 25 May 2022 (07:59 IST)
Updated Date: Wed, 25 May 2022 (18:12 IST)