Publish Date: Tue, 07 Aug 2018 (14:50 IST)
Updated Date: Tue, 07 Aug 2018 (14:51 IST)
लंदन। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) प्रमुख डेविड रिचर्डसन का मानना है कि गेंद के साथ छेड़छाड़, छींटाकशी, मैदान पर बहस तथा खिलाड़ियों के लगातार खराब होते आचरण क्रिकेट की आत्मा और अस्तित्व को गहरा नुकसान पहुंचा रहे हैं।
आईसीसी प्रमुख ने लॉर्ड्स में एमसीसी के कॉलिन काउड्रे लेक्चर में ये बातें कहीं। उन्होंने साथ ही कहा कि खिलाड़ी शिकायत करते हैं कि बॉल टेम्परिंग के नियमों को लेकर उन्हें दुविधा है जबकि इसे लेकर नियम बिल्कुल साफ हैं। रिचर्डसन ने कहा कि क्रिकेट की आत्मा ही उसकी ईमानदारी में समाई है और जो लोग इसका प्रतिनिधित्व करते हैं उन्हें पता है कि यह खेल से कहीं अधिक है।
उन्होंने कहा कि हम खिलाड़ियों के व्यवहार को भी देख रहे हैं जो खराब होता जा रहा है और इसे रोकना चाहिए। स्लेजिंग बढ़ती जा रही है जो व्यक्तिगत हो गई है, फील्डर बल्लेबाज़ों को जाते हुए अपशब्द कह देते हैं, जबरदस्ती शारीरिक रूप से झगड़ना, अंपायर के निर्णय के खिलाफ खिलाड़ियों के प्रदर्शन करने की धमकी देना और गेद के साथ छेड़छाड़ जैसी हरकतें लगातार बढ़ रही हैं।
आईसीसी प्रमुख ने कहा कि यह उस तरह का खेल नहीं है जैसा वैश्विक क्रिकेट में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीने में क्रिकेट में कई खराब स्थितियां पैदा हुई हैं। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ गेंद के साथ छेड़छाड़ के दोषी पाए गए और उनकी टीम के दो और खिलाड़ी जिससे उनपर लंबे बैन लगाए गए हैं। (वार्ता)