Publish Date: Wed, 28 Mar 2018 (12:05 IST)
Updated Date: Wed, 28 Mar 2018 (12:08 IST)
सिडनी। कोच डेरेन लीमैन भले ही गेंद से छेड़खानी के मामले में पाकसाफ करार दिए गए हों, लेकिन हर कीमत पर जीत की जो मानसिकता उन्होंने टीम में भरी है, अब उस पर सवालिया उंगली उठने लगी है।
लीमैन ने जब 2013 में कोच का पद संभाला, तब उन्हें ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का संकटमोचक माना गया था लेकिन अब उन्हें टीम में दूषित संस्कृति भरने का आरोपी माना जा रहा है जिससे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की छवि को काफी नुकसान हुआ है।
कोच बनने के बाद जब लीमैन से उनकी 3 प्राथमिकताएं पूछी गई तो उनका जवाब था- 'जीत, जीत और जीत।' उस समय क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी जेम्स सदरलैंड ने कहा था कि अनुशासन, अच्छा आचरण और प्रदर्शन के लिए जवाबदेही में भी सुधार की जरूरत है और यह मुख्य कोच का काम है। लीमैन के कोच रहते ऑस्ट्रेलिया ने 30 टेस्ट जीते, 19 हारे और 8 ड्रॉ खेले। (भाषा)