Publish Date: Mon, 12 Dec 2016 (19:11 IST)
Updated Date: Mon, 12 Dec 2016 (19:18 IST)
मुंबई। सफलता के रथ पर सवार विराट कोहली की सेना ने लगातार 17 मैचों में अपराजित रहने के अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
विराट की कप्तानी वाली 'टीम इंडिया' ने यहां वानखेड़े स्टेडियम में सोमवार को चौथा टेस्ट पारी और 36 रन से जीतकर लगातार 17 मैचों में अपराजित रहने के पिछले भारतीय रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। भारत इस जीत के बाद पिछले 17 मैचों में अपराजित चल रहा है।
भारत सितंबर 1985 से मार्च 1987 के बीच 17 टेस्टों में अपराजित रहा था, हालांकि भारत ने इस दौरान मात्र 4 टेस्ट जीते थे, 12 ड्रॉ खेले थे और 1 टाई रखा था। मौजूदा टीम ने पिछले 17 मैचों में 13 टेस्ट जीते हैं और 4 ड्रॉ खेले हैं। दोनों अवधि के मैचों को देखा जाए तो भारत ने सितंबर 1985 से मार्च 1987 तक पहले 4 टेस्ट ड्रॉ खेले, फिर 2 जीते, 1 ड्रॉ खेला, 1 टाई खेला, 3 ड्रॉ खेले, 2 जीते और फिर 4 टेस्ट लगातार ड्रॉ खेले।
अगस्त 2015 से दिसंबर 2016 तक की अवधि में भारत ने लगातार 3 टेस्ट जीते, 1 ड्रॉ खेला, 3 जीते, 1 ड्रॉ खेला, 1 जीता, 1 ड्रॉ खेला, 3 जीते, 1 ड्रॉ खेला और फिर 3 जीते। यदि भारतीय टीम 16 दिसंबर से चेन्नई में शुरू होने वाले आखिरी टेस्ट में भी अपराजित रहती है तो वह अपना रिकॉर्ड तोड़ लेगी।
टेस्ट इतिहास में 6 ऐसे मौके हुए हैं, जब टीमें पराजित हुए बिना 17 टेस्टों से आगे गई हैं। वेस्टइंडीज के नाम 1980 के दशक में लगातार 27 टेस्टों में अपराजित रहने का रिकॉर्ड है। भारत को चौथे टेस्ट के बाद 6 और टेस्ट घरेलू जमीन पर खेलने हैं और वह अपने अपराजेय रथ को और आगे ले जा सकता है। (वार्ता)