Publish Date: Fri, 23 Nov 2018 (09:09 IST)
Updated Date: Fri, 23 Nov 2018 (09:37 IST)
नार्थ साउंड (एंटीगा)। मौजूदा विश्व चैंपियन इंग्लैंड ने शुक्रवार को यहां भारत को आठ विकेट से हराकर आईसीसी महिला विश्व टी20 के फाइनल में प्रवेश किया। इंग्लैंड फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगा जिसने एक अन्य सेमीफाइनल में मेजबान और पिछली बार के विजेता वेस्टइंडीज को 71 रन से हराया।
भारत पहले बल्लेबाजी करते हुए 19.2 ओवर में 112 रन पर आउट हो गया। उसकी तरफ से सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने सर्वाधिक 33 रन बनाए। क्रिस्टी गार्डन (20 रन देकर दो), कप्तान हीथर नाइट (नौ रन देकर तीन) और सोफी एक्लेस्टोन (22 रन देकर दो) ने भारत को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया। भारत ने अनुभवी मिताली राज को अंतिम एकादश में नहीं रखा जिसका उसे खामियाजा भुगतना पड़ा।
भारत की सात बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुंचने में नाकाम रहीं। इंग्लैंड ने 17.1 ओवर में दो विकेट खोकर आसानी से लक्ष्य हासिल कर दिया। एमी जोन्स (45 गेंदों पर नाबाद 53) और नताली साइवर (40 गेंदों पर नाबाद 52) ने तीसरे विकेट के लिए 92 रन की अटूट साझेदारी की।
एक बार फिर से भारतीय महिलाएं बड़े मैच के दौरान अपना जुनून और जज्बा दिखाने में नाकाम रही। पिछले साल भारतीय टीम को 50 ओवरों के विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड से और इस साल एशिया कप टी20 फाइनल में बांग्लादेश से भी हार का सामना करना पड़ा था।
भारत ने गयाना के प्रोविडेन्स में लीग चरण के अपने सभी मैच जीते थे लेकिन उसकी बल्लेबाज सर विवियन रिचर्ड्स स्टेडियम की अलग तरह की पिच से सामंजस्य नहीं बिठा पायी। भारत की सात बल्लेबाज दोहरे अंक में भी नहीं पहुंची।
ऐसे में टी20 अंतरराष्ट्रीय में सर्वाधिक रन बनाने वाली मिताली को बाहर करने का फैसला साहसिक नहीं बल्कि आत्मघाती साबित हुआ। यह फैसला उसे अगले कई दिनों तक सालता रहेगा तथा कोच रमेश पोवार और कप्तान हरमनप्रीत कौर को इससे जुड़े सवालों से जूझना पड़ेगा।