Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

19 मार्च की ऐतिहासिक बैठक में भारत पाक टी-20 सीरीज पर होगी बात, राजा और दादा होंगे आमने सामने

हमें फॉलो करें 19 मार्च की ऐतिहासिक बैठक में भारत पाक टी-20 सीरीज पर होगी बात, राजा और दादा होंगे आमने सामने
, मंगलवार, 15 मार्च 2022 (18:31 IST)
कराची: भारत की रूचि नहीं होने के बावजूद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख रमीज राजा ने कहा है कि वह चार देशों के एक दिवसीय टूर्नामेंट के बारे में बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली से 19 मार्च को दुबई में होने वाली एशियाई क्रिकेट परिषद की बैठक में बात करेंगे।

रमीज ने नेशनल स्टेडियम पर पत्रकारों से कहा कि उन्होंने टूर्नामेंट का प्रस्ताव रखा है जिसमें भारत और पाकिस्तान के अलावा आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमें भी हों। उन्होंने कहा कि इसका मकसद यह था कि भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों को एक दूसरे के खिलाफ अधिक खेलने का मौका मिले और आईसीसी के अन्य सदस्य देशों का राजस्व बढे।

उन्होंने कहा ,‘‘मैं दुबई में एसीसी बैठक के दौरान सौरव गांगुली से इस बारे में बात करूंगा। हम दोनों पूर्व कप्तान और खिलाड़ी रह चुके हैं और हमारे लिये क्रिकेट सियासत से अलग है।’’उन्होंने कहा ,‘‘अगर भारत राजी नहीं भी होता है तो आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के साथ तीन देशों का टूर्नामेंट पाकिस्तान में खेला जा सकता है।’’

रमीज ने यकीन जताया कि भारतीय टीम अगले साल एशिया कप खेलने पाकिस्तान आयेगी।उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे लगता कि वे आयेंगे । अगर वे नहीं आते हैं तो हम देखेंगे कि क्या किया जा सकता है।’’बीसीसीआई सचिव जय शाह पहले ही रमीज के प्रस्ताव को यह कहकर खारिज कर चुके हैं कि भारत का मकसद खेल का वैश्वीकरण है और अल्पकालिक वित्तीय फायदे नहीं।

जनवरी में ही रमीज राजा ने ट्वीट कर मंशा की थी जाहिर

राजा ने ट्विटर पर लिखा था, ‘‘ हैलों फैंस (नमस्कार प्रशंसकों)। आईसीसी को एक चार देशों की टी20 अंतरराष्ट्रीय ‘सुपर सीरीज’ का प्रस्ताव देने जा रहा हूं। इसमें पाकिस्तान, भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीम शामिल होगी। इसे हर साल खेला जाएगा और इसकी मेजबानी का अधिकार चारों देशों को बारी बारी से मिलेगा।’’
राजा ने लिखा था, ‘‘ इसके राजस्व का एक अलग तरीका होगा जिसमें मुनाफा प्रतिशत को सभी सदस्यों में साझा किया जायेगा। मुझे लगता है कि यह सबके लिए फायदे का सौदा है।’’पीसीबी प्रमुख के प्रस्ताव को नियमित आधार पर भारत-पाकिस्तान क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता को पुनर्जीवित करने के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है।

आईसीसी के आगामी भविष्य दौरा कार्यक्रम में हालांकि इस तरह के टूर्नामेंट के लिए कोई जगह नहीं है। भारत ने भी लगभग एक दशक से त्रिकोणीय और चार देशों की श्रृंखला खेलना बंद कर दिया है।

दोनों पड़ोसी देश 2013 के बाद से आईसीसी टूर्नामेंट और एशिया कप के अलावा एक-दूसरे के खिलाफ नहीं खेले हैं।भारत और पाकिस्तान के बीच पिछली द्विपक्षीय श्रृंखला 2012-13 में आयोजित की गई थी जब भारत ने टी20 श्रृंखला में पाकिस्तान की मेजबानी की थी।
webdunia

दो मैचों की यह सीरीज टाई हो गई थी। पाकिस्तान ने इस सीरीज में टी-20 मैचों में पहली बार भारत के खिलाफ जीत का स्वाद चखा था। पहले मैच में शोएब मलिक को मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार मिला था।

पाकिस्तान ने हाल ही में भारत को टी-20 विश्वकप 2021 के पहले मैच में भारत को 10 विकटों से पटखनी दी थी। टी-20 पर पाकिस्तान खासा मेहनत कर रहा है और भारत से अगर वह सीरीज खेलता है तो ना केवल खिलाड़ियों का खेल सुधरेगा बल्कि पीसीबी को वित्तीय फायदा भी होगा।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पहले IPL 2022 में पालन होगा क्रिकेट के इन नए नियमों का