Publish Date: Fri, 24 Mar 2017 (18:47 IST)
Updated Date: Fri, 24 Mar 2017 (18:50 IST)
दुबई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के चेयरमैन पद से अचानक इस्तीफा देने वाले शशांक मनोहर ने यू टर्न लेते हुए अपने इस्तीफे को फिलहाल अप्रैल में आईसीसी के अगले राउंड की बैठक तक के लिए टाल दिया है।
मनोहर अप्रैल में अगले राउंड की बैठक तक अपने पद पर बने रहेंगे। अगली बैठक में नए प्रशासन और वित्तीय मॉडल ढांचे पर वोट दिया जाना है। मनोहर ने आईसीसी की शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि मैं निदेशकों की भावनाओं और मुझ पर उनके विश्वास का सम्मान करता हूं, हालांकि निजी कारणों से इस पद से हटने का मेरा फैसला बदला नहीं है। लेकिन मैं तब तक चेयरमैन के तौर पर अपनी जिम्मेदारी को निभाऊंगा, जब तक अगला काम पूरा नहीं हो जाता।
इस महीने के शुरू में मनोहर ने अचानक ही इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था लेकिन आईसीसी बोर्ड ने इस सप्ताह के शुरू में एक प्रस्ताव पारित कर उनसे अपने पद पर बने रहने का आग्रह किया था। मनोहर ने कहा कि यह मेरा कर्तव्य है कि मैं अपने सहयोगियों के साथ काम करूं और उन बदलावों को पूरा करूं, जो आईसीसी अपने प्रशासन में लाना चाहता है।
भारत, ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के क्रिकेट बोर्डों ने मनोहर के इस फैसले की सराहना की है कि वे सुधार पूरे होने तक अपने पद पर बने रहेंगे। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) के चेयरमैन डेविड पीवर ने आईसीसी के बयान में कहा कि हमें यकीन है कि शशांक वह व्यक्ति है, जो इन सुधारों को पूरा कर सकते हैं। हम निजी कारणों से उनके लिए गए फैसले का सम्मान करते हैं। हमें खुशी है कि वे वार्षिक सम्मेलन में उनका उत्तराधिकारी चुने जाने तक अपने पद पर बने रहने के लिए सहमत हो गए हैं।
बीसीसीआई की तरफ से प्रशासकों की समिति के सदस्य विक्रम लिमये ने कहा कि यह जरूरी है कि मौजूदा मुद्दों को हर एक की संतुष्टि के लिए सुलझाया जाना चाहिए। हमारी मनोहर के साथ एक अच्छी बैठक हुई थी, जहां हमने उन्हें वित्तीय मॉडल और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर बीसीसीआई की चिंता से अवगत कराया था। हम इन मुद्दों का संतोषजनक समाधान निकालने के लिए आईसीसी के साथ काम करने को लेकर प्रतिबद्ध है।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष नजमुल हसन ने कहा कि क्रिकेट के व्यापक हित में इस नाजुक समय में हमें शशांक की आईसीसी के चेयरमैन के रूप में जरूरत है। हम उन्हें अपने पूर्ण समर्थन का विश्वास दिलाते हैं। (वार्ता)