भारत दौरे से पहले बांग्लादेशी क्रिकेटरों की हड़ताल, गांगुली को दौरे की उम्मीद

सोमवार, 21 अक्टूबर 2019 (23:57 IST)
ढाका। बांग्लादेश क्रिकेट टीम का आगामी भारत दौरा खटाई में पड़ गया है क्योंकि राष्ट्रीय टीम के प्रमुख खिलाड़ियों ने वेतन बढ़ाने के साथ कई और मांगों को लेकर क्रिकेट से जुड़ी किसी भी गतिविधि में भाग लेने से मना कर दिया है। 
 
टेस्ट और टी-20 टीम के कप्तान शाकिब अल हसन, महमुदूल्लाह और मुशफिकुर रहीम सहित देश के शीर्ष क्रिकेटरों ने सोमवार को सम्मेलन में बहिष्कार के बारे में बताया। इस विरोध प्रदर्शन में लगभग 50 क्रिकेटर शामिल हैं। 
 
खिलाड़ियों के इस विरोध का नेशनल क्रिकेट लीग पर असर पड़ेगा जो अभी खेली जा रही है। खिलाड़ियों की इस योजना से बांग्लादेश का अगले महीने होने वाला भारत दौरा भी अंधेर में पड़ सकता है। 
 
यह दौरा 3 नवंबर से शुरू हो रहा है जिसमें बांग्लादेश को 3 टी20 अंतरराष्ट्रीय और 2 टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलनी है। टेस्ट मैचों की श्रृंखला आईसीसी विश्व चैम्पियनशिप का हिस्सा है। 
 
वरिष्ठ सलामी बल्लेबाज तमीम इकबाल ने कहा, ‘हमें स्थानीय कोचों, फिजियो, प्रशिक्षकों और मैदानकर्मियों का सम्मान करना होगा। उन्हें बहुत कम वेतन मिलता हैं।’ भारत दौरे के लिए इस सप्ताह टीम का शिविर शुरू होना था जिसमें स्पिन सलाहकार डेनियल विटोरी को भी भाग लेना था। भारत ने इस पर कोई प्रतिक्रिया देने से बचते हुए इसे बांग्लादेश का आंतरिक मामला बताया। 
 
बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘बीसीसीआई इस मामले पर नजर रखे हुए है और फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं देगा। यह बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का आंतरिक मामला है। जब तक हमें बोर्ड से साफ तौर पर कुछ नहीं बताया जाएगा तब तक हमारे लिए प्रतिक्रिया देना सही नहीं।’
 
बाद में बीसीसीआई के निर्वाचित अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कोलकाता में कहा कि उन्हें विश्वास है कि बांग्लादेश यह दौरा रद्द नहीं करेगा। गांगुली ने पत्रकारों से कहा, ‘यह बीसीबी का अंदरूनी मामला है और यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है।’ 
 
हालांकि, भारतीय क्रिकेट बोर्ड में कई लोगों का मानना ​​है कि गांगुली के बांग्लादेश क्रिकेट के खिलाड़ियों और अधिकारियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध स्थिति को खराब होने से बचा सकते है। 
 
बीसीसीआई के एक अन्य अधिकारी ने बताया, ‘श्रृंखला का एक टेस्ट मैच कोलकाता में खेला जाना है जिसे लेकर बांग्लादेश के प्रशंसक काफी उत्साहित होंगे। इस मुकाबले के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसकों के बांग्लादेश से भारत आने की संभावना है। मुझे लगता है कि अगर जरूरत हुई तो वे हमारे अध्यक्ष की बात मानेंगे।’ 
 
खिलाड़ियों की एक बड़ी मांग यह है कि घरेलू क्रिकेटरों को बेहतर पारिश्रमिक मिले। बांग्लादेश के सबसे सफल क्रिकेटरों में शामिल शाकिब ने कहा, ‘प्रथम श्रेणी में खेलने वाले क्रिकेटरों की मैच फीस के रूप में एक लाख टका होना चाहिए जो कि अभी 35 हजार टका है। इसके साथ ही प्रथम श्रेणी के क्रिकेटरों के वेतन में 50 प्रतिशत का इजाफा करना चाहिए।’ 
 
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से जुड़े सूत्रों ने हालांकि बताया कि इससे भारत दौरे पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि 22 नवंबर से कोलकाता के ईडन गार्डन में खेले जाने वाले मुकाबले को देखने के लिए बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी आएंगी। बांग्लादेश अगर दौरे को रद्द करता है तो आईसीसी भारत को टेस्ट श्रृंखला के 120 अंक दे देगा। 
 
खिलाड़ियों की अन्य प्रमुख मांगों में बांग्लादेश प्रीमियर लीग का आयोजन फ्रेंचाइजी आधार पर जारी रखना, ढाका प्रीमियर लीग (घरेलू प्रथम श्रेणी प्रतियोगिता) के लिए खिलाड़ियों का ‘ओपन मार्केंट ट्रांसफर’ रखना, केन्द्रीय अनुबंध वाले खिलाड़ियों का वेतन बढ़ाना और इसमें अधिक खिलाड़ियों को रखना शामिल है। 
 
बीसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निजामुद्दीन चौधरी ने क्रिकबज से कहा, ‘हमें इसके बारे में अभी पता चला है। हम बोर्ड में इस बारे में चर्चा करेंगे और इसके समाधान की कोशिश करेंगे।’ महमुदूल्लाह ने कहा कि खिलाड़ी लंबे समय से ये मांग कर रहे हैं।

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