Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

रनों का पीछा करते हुए इंग्लैंड की सबसे बड़ी जीत और भारत की सबसे बड़ी हार, यह रहीं टेस्ट की 10 बड़ी बातें

हमें फॉलो करें रनों का पीछा करते हुए इंग्लैंड की सबसे बड़ी जीत और भारत की सबसे बड़ी हार, यह रहीं टेस्ट की 10 बड़ी बातें
, मंगलवार, 5 जुलाई 2022 (17:55 IST)
जो रूट और जॉनी बेयरस्टॉ के शानदार शतकों की मदद से इंग्लैंड ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अपने सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को पांचवें और आखिरी टेस्ट में सात विकेट से हराकर श्रृंखला में बराबरी की।

इंग्लैंड ने जीत के लिये 378 रन का लक्ष्य पांचवें और आखिरी दिन पहले सत्र में ही हासिल कर लिया। रूट 142 और बेयरस्टॉ 114 रन बनाकर नाबाद रहे।

इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने पांच मैचों की श्रृंखला 2 . 2 से बराबर कर ली। पिछले साल भारतीय खेमे में कोरोना संक्रमण के मामले आने के बाद पांचवां मैच स्थगित कर दिया गया था। भारत इस मैच से पहले 2 . 1 से आगे था।जान लेते हैं इस सीरीज की 10 बड़ी बातें
webdunia

1) इंग्लैंड की यह टेस्ट क्रिकेट में रनों का पीछा करते हुए सबसे बड़ी जीत है।

2) यह रनों के लिहाज से चौथी पारी में भारत के खिलाफ पाया गया सबसे बड़ा लक्ष्य है।

3) पहली पारी में 132 रनों की बढ़त के बावजूद भारत मैच हारी। यह ऐसी दूसरी सबसे बड़ी बढ़त है जिससे भारत को टेस्ट गंवाना पड़ा।

4) जॉनी बेरेस्टो ने दोनों पारियों में शतक लगाए और उन्हें मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार मिला।

5) भारत की एजबेस्टन में यह सातवीं हार थी। इस मैदान पर भारत अब तक टेस्ट नहीं जीत पाया।

6) इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट (28) शतक लगाने के मामले में विराट कोहली (27) से आगे निकल गए।

7) विदेशी धरती पर इस साल यह भारत की तीसरी टेस्ट हार है। तीनों हार रनों का बचाव करते हुए आई।

8) ऋषभ पंत ने 146 और 54 रनों की पारी खेली। इंग्लैंड के 1 टेस्ट में 200 रन बनाने वाले वह एकमात्र कीपर हैं।

9) जसप्रीत बुमराह ने इस सीरीज में 23 विकेट निकाले। उन्होंने 1 सीरीज में कपिल देव का रिकॉर्ड तोड़ा और मैन ऑफ द सीरीज का पुरुस्कार पाया।

10) जो रूट ने भारत के खिलाफ अब 9 शतक जड़ दिए हैं। यह किसी भी बल्लेबाज द्वारा भारत के खिलाफ सर्वाधिक टेस्ट शतकों की संख्या है।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

10 विकेटों से सबसे बड़े वनडे स्कोर का पीछा करने वाली यह दो भारतीय बल्लेबाजों को मिला रैंकिंग में भी फायदा