गर्भवती मां का शराब पीना बच्चे के लिए अभिशाप

शनिवार, 15 दिसंबर 2018 (10:45 IST)
प्यारी सी एक बच्ची जीवन भर के लिए गुस्सैल, चिड़चिड़ी होने के साथ ही ऐसी लड़की बन गई जो कुछ याद नहीं रख पाती। रिसर्चर कहते हैं कि यह सब उसकी मां के शराब पीने के कारण हुआ।
 
 
कातारीना को कुत्ते के साथ हंसते खेलते देख कर यकीन करना मुश्किल होता है कि वह कोई आम लड़की नहीं है। फर्क सिर्फ उनको पता है जो उसके संपर्क या संबंध रखते हैं। वह खुद ही बताती है, "मैं दूसरों की तुलना में जल्दी गुस्सा हो जाती हूं। मुझे बुरा भी लगता है। मैं भले ही लोगों से अच्छा बर्ताव करना चाहूं लेकिन हो नहीं पाता।" कातारीना को फीटल एल्कोहल स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर है। रिसर्चरों का कहना है कि यह बीमारी उन लोगों को होती है जिनकी मां गर्भावस्था के दौरान शराब पीती हैं।
 
 
कातारीना को तीन महीने की उम्र से सुजाने फाल्के ने पाला है। उन्होंने कातारीना को गोद लिया था। कातारीना को देख कर उसकी बीमारी का पता नहीं चलता। इसलिए सुजाने को लंबे वक्त तक समझ ही नहीं आया था कि कातारीना की दिक्कत क्या है। उन्हें लगता था कि उनकी परवरिश में ही कोई कमी है। लेकिन ऐसा नहीं था। सुजाने ने बताया, "यह समझना बहुत ही मुश्किल था कि एक इंसान को जो चीजें सिखा दी गई हैं, वे उसे याद क्यों नहीं रहती, वह बार बार उन्हें भूल क्यों जाती है या फिर किसी परिस्थिति में उन सब का इस्तेमाल क्यों नहीं कर पाती। कहीं तो वह बहुत ही समझदार दिखती है और कहीं इसके बिलकुल उलट।"
 
 
कातारीना शुरुआत से ही काफी चुस्त थी और सुजाने को अपने पीछे खूब दौड़ाती थी। हालांकि उसे स्कूल में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कातारीना का पढ़ाई में मन नहीं लगता था और वह हमेशा लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने में लगी रहती थी। सुजाने याद करती हैं, "यह बोलती बहुत थी और कोई कुछ कह रहा हो, तो सुनने की जगह, अपनी ही सुनाने लगती थी। कोई ना सुने।। तो जोर जोर से बोलने लगती थी, टेबल को ठोकने लगती थी, सामने वाले का चेहरा पकड़ कर अपनी तरफ खींच लेती थी।"
 
 
कातारीना इन्हीं गलतियों को दोहराती रही। या तो उसे नियम समझ ही नहीं आते थे या वो उन्हें भूल जाती थी। उसे गणित के पहाड़े भी याद नहीं रहते। टीचरों को लगने लगा कि वो कुछ याद ही नहीं करती, बल्कि वो जिद्दी और आलसी है। कातारीना कहती है, "मैंने टीचर को बताया कि कभी कभी याद आ जाता है, कभी नहीं आता। उन्होंने कहा, ठीक है। लेकिन फिर अगले दिन वे फिर से भूल गए कि मेरे साथ क्या होता है। मुझे यह बहुत अजीब लगा कि वे इस तरह से मुझे परेशान कर रहे थे।" कातरीना को इन सब बातों से गुस्सा आता था जिसे लोगों के लिए समझना मुश्किल हो रहा था। उसके टीचर उससे नाराज रहते। कातारीना को कई बार स्कूल बदलना पड़ा।
 
 
कातारीना तेरह साल की थी जब सुजाने ने फीटल एल्कोहल सिंड्रोम के बारे में एक आर्टिकल पढ़ा और कातारीना को एक स्पेशिएलिटी क्लिनिक में टेस्ट के लिए भेजा। टेस्ट का नतीजा आया तो पता चला कि शराब के कारण गर्भ में ही कातारीना के दिमाग को भारी नुकसान पहुंचा था। सुजाने के लिए यह जानकारी चौंकाने वाली थी। वह कहती हैं, "मैं तो हैरान रह गई, उसे ऐसी बीमारी थी जिसे ठीक नहीं किया जा सकता। मैं भले ही जितने मर्जी इलाज ढूंढ लूं, इसे जितने भी डॉक्टरों के पास ले जाऊं, कुछ चीजें वैसी ही रहेंगी जैसी हैं।" कातारीना को भी अपने साथ लोगों के बर्ताव की वजह समझ में आने लगी थी। कातारीना ने बताया, "जब मां ने मुझे बताया कि मुझे एफएएसडी है, तब मुझे समझ आया कि मुझे इतना गुस्सा क्यों आता है, कि मैं बाकियों से इतनी अलग क्यों हूं।"
 
 
कातारीना अकेली नहीं है। जर्मनी में हर साल पांच हजार बच्चों का जन्म इसी सिंड्रोम के साथ होता है। ये डाउन सिंड्रोम से भी ज्यादा आम है, और इनकी बीमारी का देख कर भी पता नहीं लगाया जा सकता। जर्मनी के आखेन मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विशेषज्ञ टामे गोएके गर्भावस्था में एक ग्लास वाइन को भी गलत बताते हैं। टामे गोएके ने बताया, "अस्सी और नब्बे के दशक में कहा जाता था कि यह ठीक है और यह भी कि थोड़ी बहुत शराब पीने से बच्चा पैदा होने के बाद ब्लड प्रेशर को बढ़ाने में मदद मिलती है। आज भी आपको कुछ गायनेकोलॉजिस्ट मिल जाएंगे, जो इस तरह की सलाह देते हैं। लेकिन आपको इससे बिलकुल दूर रहना चाहिए क्योंकि हम नहीं जानते कि इसकी सही सीमा क्या है।"
 
 
कई बार ऐसा भी होता है कि महिलाओं को पता ही नहीं होता कि वे गर्भवती हैं और वो अनजाने में ही शराब पीती रहती हैं। टामे गाएके कहते हैं, "गर्भावस्था की शुरुआत में अगर हम नुकसान की बात करें तो या तो कुछ भी नहीं होगा और या फिर बहुत ही ज्यादा नुकसान होगा। या तो अंडाणु बचेगा या नहीं बचेगा। अगर आप गर्भ धारण करना चाहती हैं, तो शराब से दूर रहना चाहिए। और जैसे ही पता चले है कि आप गर्भवती हैं, पूरी तरह शराब छोड़ देनी चाहिए।"
 
 
शराब के कारण होने वाले नुकसान के साथ बच्चे को पूरी जिंदगी बितानी होती है। अब कातारीना बस वीकेंड पर ही अपने परिवार से मिलने आती है। वह डिफरेंटली एबल्ड लोगों के लिए बनाई गई एक खास जगह में रहती हैं। सुजाने और उनके पति समझ गए थे कि वे अकेले कातारीना की विशेष जरूरतों को पूरा नहीं कर पाएंगे। हर युवा की तरह कातारीना भी कुछ अलग करना चाहती है। कातरीना ने कहा, "मैं अपने लिए एक अपार्टमेंट ढूंढना चाहती हूं। कोई सुबह शाम आ कर देख जाए कि मैं ठीक हूं। और मैं कोई ऐसी नौकरी भी ढूंढ सकूं जिसे करने में मुझे मजा आए। मुझे जानवरों के साथ अच्छा लगता है, शायद मैं उनके साथ कुछ कर सकूं।"
 
 
कातारीना को पता है कि उसे अपनी इस बीमारी के साथ ही जीवन बिताना है, लेकिन जानवरों से उसका लगाव इस मुश्किल काम में उसकी मदद कर रहा है।
 

वेबदुनिया पर पढ़ें

अगला लेख मेक्सिको के थर्ड जेंडर 'मुसे' की कहानी