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बॉल घुमाना कोई इनसे सीखे

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, बुधवार, 11 अक्टूबर 2017 (14:12 IST)
फुटबॉल को मर्दों का खेल माना जाता है। लेकिन चार बार फ्रीस्टाइल विश्व चैंपियन रही किटी सास बॉल के साथ बहुत से पेशेवर खिलाड़ियों से बेहतर करतब दिखा सकती हैं। उनका हुनर उन्हें नेमार और फेटल जैसे चैंपियनों के साथ लाता है।
 
चाहे सिर से हो या पांव से, किटी सास फुटबॉल से कुछ भी करतब दिखा सकती है। हंगरी की 26 वर्षीय किटी को दुनिया की बेहतरीन फ्री स्टाइल फुटबॉलर माना जाता है। फुटबॉल के साथ फ्रीस्टाइल हुनरबाजी का मतलब है बॉल की मदद से कलात्मक चीजें दिखाना। इसके लिए शरीर का लचीलापन, बॉल पर नियंत्रण और संतुलन जरूरी होता है। किटी बताती हैं, "मजेदार बात यह है कि मैंने पहले कभी फुटबॉल नहीं खेला। सचमुच नहीं। मैंने 10 साल तक कराटे किये हैं, लेकिन वह बहुत ही अलग है। मुझे तो ट्रिक्स बहुत पंसद हैं। मुझे दौड़ना और टीम में खेलना नहीं, बस ड्रिब्लिंग और ट्रिक दिखाना पसंद है।"
 
और ये ट्रिक्स अब 26 साल की किटी सास के लिए उसकी जिंदगी बन गये हैं। 10 साल पहले किटी ने पहली बार इंटरनेट में फ्रीस्टाइल का एक वीडियो क्लिप देखा था। उसने किटी को इतना प्रभावित किया कि वे फौरन उन ट्रिक्स को करना चाहती थीं। इस बीच वह इतनी अच्छी हो गयी हैं कि अपने इस हुनर से आजीविका चलाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए उन्हें फिट रहना होगा और वह रोज कई घंटे ट्रेनिंग करती है। "ये मेरा काम है, मेरी हॉबी है और मेरी जिंदगी की एकमात्र अटल चीज, जिससे मुझे प्यार है और जिसके लिए मैं जीती हूं।"
 
किटी सास को दुनिया भर से प्रदर्शन के लिए बुलाया जाता है। वह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी हिस्सा लेती है। उन्होंने टोक्यो प्रतियोगिता सहित चार बार विश्व चैंपियनशिप जीती है। अपने दौरों पर अक्सर जाने माने खिलाड़ियों से उनकी मुलाकात होती है। जैसे कि फॉर्मूला वन चैंपियन सेबास्टियन फेटल या ब्राजील के फुटबॉल खिलाड़ी नेमार। किटी बताती हैं, "मेरे फ्रीस्टाइल करियर का चरम था जब मैं ब्राजील में नेमार से मिली। हमने दस मिनट तक एकसाथ बॉल के करतब दिखाये। उन्होंने कुछेक ट्रिक्स दिखायीं और मैंने भी। उसके बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी ऐसी महिला नहीं देखी जो बॉल के साथ मेरी तरह करतब दिखा सकती है।"
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अपने हुनर का प्रदर्शन वह बुडापेश्ट के सिटी सेंटर में भी करती हैं। उन्हें पता है कि वह बॉल के साथ बहुत से मर्दों के मुकाबले ज्यादा कुछ कर सकती है, हालांकि फुटबॉल को अभी भी मर्दों का खेल माना जाता है और महिलाओं को अभी भी कम मेहनताना मिलता है। लेकिन जहां तक फ्रीस्टाइल के आयोजनों का सवाल है तो किटी को ऐसा नहीं लगता कि महिलाओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता। लेकिन रोजमर्रे में अभी भी किटी की तरह बॉल से करतब दिखाने वाली महिला पर लोगों का ध्यान जाता है। एक पुर्तगाली पर्यटक कहता है, "जब मैं युवा था तो मैं इटली में मोडेना की टीम में खेलता था, बाद में लंदन में सेमी पेशेवर टीम में खेला। लेकिन मैं ये नहीं कर सकता।"
 
किटी सास भविष्य में दिखाती रहेंगी कि फ्रीस्टाइल सिर्फ मर्दों का खेल नहीं है। वे दुनिया भर में युवा लड़कियों के लिए एक मिसाल हैं। चार विश्व चैंपियनशिप टाइटल पाने के बावजूद उन्हें अगले साल होने वाली प्रतियोगिता का इंतजार है। "मैं अब 26 साल की हूं और मुझे पता नहीं कि और कितने दिन मैं अंतरराष्ट्रीय चोटी पर रह पाऊंगी। लेकिन मैं जाऊंगी और वो करतब दिखाउंगी जो मुझे पसंद हैं। और मैं खुश होऊंगी, चाहे टाइटल जीतूं या नहीं।" सक्रिय खेल जीवन खत्म होने के बाद किटी सास ट्रेनर बनना चाहती हैं। तब वे अपना ज्ञान दूसरी युवा लड़कियों को देंगी।
 
फिलिप क्रेचमर

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