Publish Date: Sat, 22 Jun 2019 (11:46 IST)
Updated Date: Sat, 22 Jun 2019 (11:51 IST)
आए दिन आप रिफ्यूजियों या शरणार्थियों के बारे में खबरें पढ़ते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कुल कितने रिफ्यूजी हैं, वे आते कहां से हैं, उन्हें किन खतरों का सामना करना पड़ता है। यहां जानिए।
कितने शरणार्थी?
दुनिया में कुल 7 करोड़ लोग ऐसे हैं जो अपना घर छोड़ पलायन कर कहीं और रहने पर मजबूर हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिफ्यूजी एजेंसी के अनुसार 2018 में पलायन करने वालों की संख्या 1.3 करोड़ रही। 2017 की तुलना में यह आंकड़ा करीब 27 लाख ज्यादा था।
किन देशों से?
दुनिया में शरणार्थियों की कुल संख्या का दो तिहाई महज पांच देशों से आता है। ये हैं सीरिया, अफगानिस्तान, दक्षिण सूडान, म्यांमार और सोमालिया। जंग पलायन का सबसे बड़ा कारण है। पिछले पांच सालों में जंग से सबसे ज्यादा सीरिया के लोग प्रभावित रहे हैं।
कहां जाते हैं?
अधिकतर लोग अपना देश छोड़ पड़ोसी देश में अपने लिए एक सुरक्षित जगह ढूंढने की कोशिश करते हैं। मिसाल के तौर पर म्यांमार से भाग कर लोग बांग्लादेश पहुंचे और अफगानिस्तान से भाग कर अब भी पाकिस्तान आ रहे हैं।
सबसे ज्यादा कहां?
दुनिया में सबसे ज्यादा शरणार्थियों को स्वीकारने वाला देश है तुर्की। 2011 से लोग सीरिया छोड़ कर भाग रहे हैं। तुर्की में इस वक्त 37 लाख शरणार्थी मौजूद हैं।
घर वापसी?
एक बार कोई अपना देश छोड़ दे तो लौट पाना मुश्किल हो जाता है। 2018 में अपने देश लौटने वालों का आधिकारिक आंकड़ा 5,93,800 था। इससे पहले 2017 में 6,67,400 लोग अपने देश लौटे। हालांकि सीरिया में हालात अब भी नाजुक हैं लेकिन 2,10,000 लोगों ने देश लौटने की हिम्मत की।
बच्चे- आधी आबादी
पलायन करने वालों में आधे तो 18 साल से कम उम्र के बच्चे होते हैं। इनमें से कई बच्चे अपने परिवार से बिछड़ जाते हैं। 2018 में बिना किसी अभिभावक के किसी दूसरे देश में शरण का आवेदन देने वाले बच्चों की संख्या 27,600 थी। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, असली आंकड़े का अनुमान लगाना मुमकिन नहीं है क्योंकि ज्यादातर देश ऐसे बच्चों का सही ब्यौरा नहीं रख पाते।
शोषण का डर
महिलाओं और बच्चों पर शोषण का खतरा सबसे ज्यादा होता है। परिवार से अलग हो चुके बच्चे अकसर तस्करों के हाथ लग जाते हैं और उन्हें जबरन देह व्यापार में झोंक दिया जाता है।