Publish Date: Sat, 08 Jun 2019 (12:04 IST)
Updated Date: Sat, 08 Jun 2019 (12:07 IST)
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि दुनिया भर में हर रोज दस लाख से ज्यादा लोग यौन संबंधों के जरिए फैलने वाली बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र की संस्था ने अपनी ताजा रिपोर्ट में यौन संक्रमित बीमारियों का विस्तार से जिक्र किया है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि यौन संक्रमण से होने वाली बीमारियों को रोकने में मामले में प्रगति नहीं हो रही है। रिपोर्ट कहती है कि डेटिंग ऐप्स के दौर में ऐसी बीमारियों के बढ़ते मामले "खतरे की घंटी" हैं।
दुनिया भर में हर रोज दस लाख से ज्यादा लोग इन बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इनमें श्लामिडिया, गोनोरिया, ट्रिकोमोनियासिस और सिफलिस को लेकर सबसे ज्यादा चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, "दुनिया में रहने वाले औसतन 25 फीसदी लोग इनमें से किसी ना किसी बीमारी से पीड़ित हैं।"
डब्ल्यूएचओ में प्रजनन स्वास्थ्य और शोध विभाग की मेडिकल ऑफिसर टियोडारा वी कहती हैं कि आज के दौर में स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब डेटिंग ऐप्स जैसी चीजों के जरिए सेक्स आसानी से उपलब्ध हैं।
टियोडारा वी कहती हैं कि लोग इस बात को लेकर इस भरोसे में रहते हैं कि इन सब बीमारियों का इलाज है, इसलिए वे एचआईवी की भी ज्यादा परवाह नहीं कर रहे हैं। ऐसे में, कंडोम भी कम इस्तेमाल होते हैं जो बीमारियों को रोक सकते हैं। वह कहती हैं, "यौन संक्रमण से होने वाली बीमारियां हर जगह हैं। वे उससे भी कहीं ज्यादा आम हैं जितना हम सोचते हैं।"
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में 2016 तक के डाटा को शामिल किया गया है। इसके मुताबिक 15 से 49 साल की उम्र के बीच के महिला और पुरूषों में 12.7 करोड़ मामले श्लामिडिया के, 8.7 करोड़ मामले गोनोरिया के, 63 लाख मामले सिफलिस और 15.6 करोड़ मामले ट्रिकोमोनियासिस के देखे गए हैं। ये आंकड़े डब्ल्यूएचओ के पूर्व वैश्विक अनुमान से 5 प्रतिशत ज्यादा हैं।
एके/एमजे (रॉयटर्स, डीपीए, एएफपी)