MPPSC का फर्जी पर्चा Telegram पर बेचने की कोशिश, इंदौर पुलिस ने दर्ज किया मामला
पर्चा बेचने के लिए क्यूआर कोड भी दिया गया था
Publish Date: Mon, 24 Jun 2024 (12:19 IST)
Updated Date: Mon, 24 Jun 2024 (12:25 IST)
Fake MPPSC paper on Telegram : मध्यप्रदेश की सिविल सेवा परीक्षा (MPPSC) के प्रारंभिक दौर का पर्चा लीक होने का झांसा देकर एक फर्जी प्रश्नपत्र (fake question paper) को सोशल मीडिया (social media) पर 2,500 रुपए में बेचने की कोशिश करने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को इंदौर में यह जानकारी दी।
संयोगितागंज थाने के एक अधिकारी ने बताया कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) के सतर्कता अधिकारी की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड विधान और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के संबद्ध प्रावधानों के तहत रविवार रात मामला दर्ज किया गया।
पर्चा बेचने के लिए क्यूआर कोड भी दिया गया था : राज्य सेवा परीक्षा के एक उम्मीदवार ने बताया कि पर्चा लीक होने की अफवाहों की शुरुआत सोशल मीडिया मंच 'टेलीग्राम' पर बनाए गए एक खाते के कारण हुई जिस पर दावा किया गया था कि एमपीपीएससी के प्रश्नपत्र 2,500-2,500 रुपए में बिकाऊ हैं। उम्मीदवार ने बताया कि इस टेलीग्राम खाते पर भुगतान के लिए एक क्यूआर कोड भी दिया गया था।
झूठे दावे के साथ एक संदिग्ध प्रश्नपत्र प्रसारित किया गया : एमपीपीएससी के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) रवीन्द्र पंचभाई ने बताया कि सोशल मीडिया पर 2 दिन पहले 'सामान्य अध्ययन' विषय का पर्चा लीक होने के झूठे दावे के साथ एक संदिग्ध प्रश्नपत्र प्रसारित किया गया था। हमने रविवार को आयोजित राज्य सेवा परीक्षा के प्रारंभिक दौर के इस विषय के मूल पर्चे से संदिग्ध प्रश्नपत्र का मिलान किया। नतीजतन सोशल मीडिया पर सामने आया प्रश्नपत्र फर्जी पाया गया।
1.83 लाख उम्मीदवार पात्र थे : अधिकारियों ने बताया कि राज्य के 55 जिला मुख्यालयों में रविवार को आयोजित राज्य सेवा परीक्षा के प्रारंभिक दौर में बैठने के लिए 1.83 लाख उम्मीदवार पात्र थे। उन्होंने बताया कि यह परीक्षा कुल 110 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की गई जिनमें उप जिलाधिकारी (डिप्टी कलेक्टर) के 15 पद और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के 22 पद शामिल हैं।(भाषा)
Edited by: Ravindra Gupta