Publish Date: Sat, 23 Dec 2017 (15:37 IST)
Updated Date: Sat, 23 Dec 2017 (15:39 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 31 अक्टूबर की रात प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रही छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में शनिवार को यहां की एक फास्टट्रैक अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक कैद की सजा सुनाई।
न्यायाधीश सविता दुबे ने घटना के 52 दिन बाद सुनाए अपने फैसले में चारों आरोपियों गोलू बिहारी, अमर छोटू, रमेश और राजेश को दोषी करार दिया और उन्हें अंतिम सांस तक उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के समय चारों आरोपी अदालत में मौजूद थे।
राजधानी के अतिव्यस्त क्षेत्र एमपी नगर में 31 अक्टूबर की देर शाम पीएससी की तैयारी में जुटी विदिशा की एक छात्रा के साथ पहले लूट की कोशिश और उसके बाद सामूहिक दुष्कर्म हुआ था।
छात्रा को इसकी रिपोर्ट लिखवाने में कई थानों के बीच चक्कर लगाने पड़े थे, बाद में उसकी मेडिकल रिपोर्ट में गलतियों के मामले ने भी खासा तूल पकड़ लिया था। लापरवाही सामने आने के बाद कई पुलिस अधिकारियों का निलंबन और स्थानांतरण किया गया था। (वार्ता)